उच्च स्तरीय उद्योग-अकादमिक बैठक : तेलंगाना में कौशल शिक्षा का नया युग

हैदराबाद, उद्योग-अकादमिक तालमेल में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए उस्मानिया विश्वविद्यालय में आज सीनेट हॉल में उच्च स्तरीय संवाद बैठक का आयोजन किया गया। पांच घंटे के गहन विचार-विमर्श के बीच आयोजित अपनी तरह की पहली बैठक में लगभग 120 हितधारकों ने भाग लिया। इनमें राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति, रजिस्ट्रार, सरकारी डिग्री और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के प्रिंसिपल तथा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल थे।

यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पांच घंटे की अवधि वाला यह विचार-विमर्श तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के कौशल आधारित शिक्षा के लिए तत्काल और व्यापक रोडमैप तैयार करने के दूरदर्शी दिशा-निर्देश के अनुरूप था। राज्य सरकार के सलाहकार के. केशव राव की अध्यक्षता में आयोजित हुए पांच घंटे के इस विस्तृत सत्र के दौरान, चर्चा का मुख्य विषय कौशल विकास को एक वैकल्पिक विषय से उच्च शिक्षा का एक अनिवार्य स्तंभ बनाने पर केंद्रित रहा।

अवसर पर शिक्षा विभाग की प्रधान सचिव डॉ. योगिता राणा ने कहा कि प्रौद्योगिकी पलक झपकते ही पारंपरिक प्रणालियों से क्लाउड की ओर अग्रसर हो जाती है। कौशल विकास एक ऐसा यज्ञ है, जिसे आगामी शैक्षणिक वर्ष में गंभीरतापूर्वक शुरू किया जाना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमारे युवा पीछे न छूट जाएं। टीजीसीएचई अध्यक्ष प्रो. बालाकिस्ता रेड्डी ने कहा कि समुद्री और एयरोस्पेस जैसे वैश्विक क्षेत्रों में लाखों नौकरियों के अवसरों को देखते हुए हमारी शैक्षणिक योजना महत्वाकांक्षी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राइजिंग तेलंगाना 2047 के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे विश्वविद्यालय विशेष प्रशिक्षण के केंद्र बनें जो वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित करें।

छात्रों की पहले दिन से करियर तैयारी पर जोर

सीएसटीई आयुक्त ए. श्रीदेवसेना ने कहा कि हमारा ध्यान छात्रों की पहले दिन से ही तैयारी पर है। हम इंटर्नशिप को संस्थागत रूप दे रहे हैं ताकि डिग्री से करियर में संक्रमण सुगम हो सके। उन्होंने सभी हितधारकों से इस मिशन में सक्रिय भागीदार बनने का आग्रह करते हुए कहा कि मार्गदर्शन करने के लिए हमारा सामूहिक निवेश तेलंगाना के कार्यबल को नए रूप में परिभाषित करेगा।

उस्मानिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कुमार मोलुगरम ने अवसर पर कहा कि उस्मानिया विश्वविद्यालय इस तरह के पहले सम्मेलन की मेजबानी करके गौरवान्वित है। हम चिप डिजाइन और एआई में सक्रिय परियोजनाओं के साथ इस परिवर्तन का नेतृत्व यह सुनिश्चित करते हुए कर रहे हैं कि हमारे छात्र वैश्विक उद्योगों के लिए पहली पसंद हों। अवसर पर विमानन, सेमीकंडक्टर डिजाइन, फार्मा और एआई-एमएल सहित विशेष पाठ्यक्रमों में 4,000 सीटें बढ़ाने की एक बड़ी घोषणा की गई।

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साथ ही कहा गया कि प्रवेश के समय से ही अनुभवात्मक शिक्षा और अनिवार्य इंटर्नशिप को एकीकृत करने के लिए राज्यव्यापी पाठ्यक्रम का पुनर्गठन किया जाएगा। इस दौरान क्रेडाई तथा विभिन्न उद्योग निकायों के प्रतिनिधियों ने संरचित इंटर्नशिप और सीएसआर-वित्त पोषित प्रशिक्षण को सुविधाजनक बनाने के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने की इच्छा व्यक्त की। इस मैराथन बैठक का समापन विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. जी. नरेश रेड्डी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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