सस्ती और विश्वसनीय ब्रॉडबैंड सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास जारी : सीएस रामकृष्ण राव

हैदराबाद, राज्य सरकार के मुख्य सचिव रामकृष्ण राव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पूरे राज्य में सस्ती और विश्वसनीय ब्रॉडबैंड सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसका उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समावेशी और वहनीय डिजिटल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन के साथ तालमेल बिठाकर अंतिम गांव को भी जोड़ना है। उन्होंने सचिवालय में 8वीं राज्य ब्रॉडबैंड समिति की बैठक की अध्यक्षता की।

इस दौरान राज्य में ब्रॉडबैंड और दूरसंचार बुनियादी ढांचे के विकास की प्रगति की समीक्षा की गयी। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार दूरसंचार और ब्रॉडबैंड बुनियादी ढांचे के तेजी से विस्तार को बढ़ावा देने के लिए नियामक और सुविधाकर्ता के रूप में अपनी दोहरी भूमिका प्रभावी ढंग से निभाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि समन्वय में तेजी लाने और जमीनी स्तर के मुद्दों को हल करने के लिए अगले पखवाड़े के भीतर जिलाधीशों द्वारा जिला स्तरीय दूरसंचार समिति (डीएलटीसी) की बैठकें बुलाई जानी चाहिए।

खुदाई में दूरसंचार बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर जोर

अवसर पर उन्होंने खुदाई कार्यों के दौरान भूमिगत दूरसंचार बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाने के लिए कॉल बिफोर यू डिग (सीबीड) ऐप के उपयोग के बारे में फील्ड अधिकारियों के बीच व्यापक जागरूकता की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने आगे कहा कि राज्य के टी-फाइबर पायलट गांवों की पहल को ग्रामीण ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए अभिनव दृष्टिकोण के रूप में व्यापक रूप से सराहा गया है। उन्होंने बताया कि दूरसंचार बुनियादी ढांचे से संबंधित कई प्रमुख मापदंडों में राज्य राष्ट्रीय औसत से ऊपर प्रदर्शन कर रहा है।

बैठक में केंद्रीय राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) नियमों के कार्यान्वयन और दूरसंचार अवसंरचना बिछाने के लिए अनुमतियों को सुव्यवस्थित करने के उपायों पर भी चर्चा की गई। बैठक में इस पर बल दिया गया कि इन कार्यों के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सार्वजनिक सेवाओं में कम से कम व्यवधान हो। बैठक में ऊर्जा विशेष मुख्य सचिव नवीन मित्तल, नागरिक प्रशासन व शहरी विकास विशेष मुख्य सचिव जयेश रंजन, उद्योग विशेष मुख्य सचिव संजय कुमार व अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी व दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।

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पीएमजीएसवाई के चौथे चरण के तहत होगा 642 किलोमीटर की सड़क का निर्माण

राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के चौथे चरण के तहत सड़क संपर्क से वंचित 227 बस्तियों में 642 किलोमीटर का सड़क निर्माण करने हेतु निधियाँ मंजूर करने की अपील करते हुए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया है।

इस संबंध में मंगलवार को सचिवालय में पीएमजीएसवाई के चौथे चरण के कार्यों के लिए प्रस्ताव भेजने के लिए राज्य स्तरीय स्थाई समिति की बैठक हुई। सरकार के मुख्य सचिव रामकृष्ण राव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य सरकार के विशेष मुख्य सचिव विकास राज, पंचायती राज व ग्रामीण विकास सचिव एन. श्रीधर व अन्य संबंधित उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

अवसर पर रामकृष्ण राव ने कहा कि पीएमजीएसवाई के तहत अब तक तीन चरणों में राज्य को स्वीकृत सड़कों व पुलों के निर्माण कार्यों को पूरा कर लिया गया है। इस योजना के चौथे चरण के अंतर्गत राज्य में 227 ऐसी बस्तियों में 642.23 किलोमीटर की पक्की सड़कों के निर्माण हेतु प्रस्ताव भेजने हैं। हालाँकि इनमें से 148 किलोमीटर के लिए वन विभाग की मंजूरी लेनी होगी। श्रीधर ने कहा कि इन मार्गों पर पुलों के निर्माण से संबंधित डीपीआर एक सप्ताह के भीतर पूरी कर ली जाएगी।

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