भारत में अमेज़न और फ्लिपकार्ट की त्योहार बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड
हैदराबाद, भारत में ऑनलाइन त्योहारों का सीज़न जबरदस्त शुरुआत के साथ शुरू हुआ है। अमेज़न और फ्लिपकार्ट के प्रमुख सेल इवेंट्स ,बिग बिलियन डे (TBBD) और द ग्रेट इंडियन फेस्टिवल (GIF) के दौरान रिकॉर्ड ट्रैफिक और मजबूत मांग देखी गई। जीएसटी में बदलाव, जेन ज़ेड खरीदारों की बढ़ती संख्या और महंगे उत्पादों की खरीदारी ने इस साल के त्योहारों को अब तक के सबसे बड़े डिजिटल रिटेल सीज़न के रूप में तैयार किया है।
पहले सप्ताह में ऑनलाइन त्योहारों की बिक्री 60,700 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक है। यह आंकड़ा भारत के डिजिटल रिटेल क्षेत्र के लिए अब तक की सबसे मजबूत शुरुआत को दर्शाता है। मार्केट इंटेलिजेंस फर्म डाटम इंटेलिजेंस के अनुसार, इस साल कुल त्योहारों की बिक्री 1.2 लाख करोड़ रुपये पार कर सकती है, जिसमें आधे से अधिक बिक्री पहले सप्ताह में ही दर्ज की गई।
मोबाइल ने 42 प्रतिशत जीएमवी योगदान दिया, जबकि उपकरण और किराना तेजी से बढ़े, जिनमें क्रमशः 41 प्रतिशत और 44 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। बड़े उत्पादों पर जीएसटी 2.0 सुधार ने उपकरणों की बिक्री को बढ़ावा दिया, जबकि किराना त्वरित डिलीवरी और त्योहारों के उपहार मांग से लाभान्वित हुआ। कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और होमवेयर में भी अच्छी डबल-डिजिट वृद्धि दर्ज हुई।
फ्लिपकार्ट ने अपने बिग बिलियन डे के पहले 48 घंटे में 606 मिलियन विज़िट दर्ज की, जिसमें एक-तिहाई ट्रैफिक जेन ज़ेड खरीदारों का था। जीएसटी 2.0 सुधारों ने उच्च-मूल्य वाले श्रेणियों में मांग को बढ़ावा दिया। शुरुआती दिनों की बिक्री ने पूरे सप्ताह की जीएमवी में लगभग एक-तिहाई योगदान दिया।
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अमेज़न फेस्टिवल बिक्री में जेन ज़ेड और GST का योगदान
अमेज़न ने ग्रेट इंडियन फेस्टिवल के पहले 48 घंटे में 38 करोड़ विज़िट दर्ज की, जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक ट्रैफिक शीर्ष नौ महानगरों के बाहर से आया। स्मार्टफोन, QLED टीवी, Mini-LED टीवी और प्रीमियम घड़ियाँ, ज्वैलरी और ब्यूटी उत्पादों में सालाना वृद्धि देखी गई। GST बचत उत्सव (#GSTBachatUtsav) पहल ने भी शानदार प्रतिक्रिया पाई, जिसमें विक्रेताओं ने 48 घंटे में करोड़ों रुपये के लाभ ग्राहकों को उपलब्ध कराए।
इस साल खरीदार पहले से ही खरीदारी में जुटे हैं। शुरुआती एक्सेस दिवसों ने प्लेटफ़ॉर्म को मजबूत शुरुआत दी और खरीदारों ने डील और कर लाभ हासिल करने के लिए तेजी दिखाई। इसके परिणामस्वरूप पहले सप्ताह के बाद भी बिक्री और ट्रैफिक में कोई गिरावट नहीं आई, जो इस त्योहार सीज़न को पिछले सालों की तुलना में अधिक स्थायी और व्यापक बनाता है।
इस साल की वृद्धि नीति, उपभोक्ता व्यवहार और प्लेटफ़ॉर्म रणनीति का मिश्रण है। जीएसटी में कटौती ने महंगे उत्पादों को सस्ता किया, जेन ज़ेड प्रमुख मांग संचालक बनकर उभरा और छोटे शहरों के खरीदारों ने प्रीमियम उत्पादों में तेजी लायी।
यदि वर्तमान रुझान बना रहता है, तो यह भारत के ई-कॉमर्स इतिहास का सबसे बड़ा त्योहार सीज़न बन सकता है, जो स्थिर, मांग-संचालित वृद्धि की दिशा में स्पष्ट बदलाव को दर्शाता है।
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