विश्व नृत्य दिवस पर कलाकारों को नाट्य शिरोमणि अवॉर्ड
हैदराबाद, तेलंगाना विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष एवं तेलंगाना विधान परिषद के सदस्य सी.एच. मधुसूदनाचारी ने कहा कि नृत्य केवल एक कला रूप और भाव अभिव्यक्ति का माध्यम ही नहीं है, बल्कि इसके अनेक शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ हैं।
रविन्द्र भारती में तेलंगाना मेधावी मंच (फोरम) राज्य शाखा के तत्वावधान में विश्व नृत्य दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए मधुसूदनाचारी ने कहा कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य की सभी विधाएँ विभिन्न स्तरों पर नाट्यशास्त्र से उत्पन्न हुई हैं। तेलंगाना भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक आईएएस डॉ. एनुगु नरसिम्हा रेड्डी ने कहा कि मानव जीवन में नृत्य के महत्व को बढ़ावा देने में विश्व नृत्य दिवस महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
तेलंगाना मेधावी मंच राज्य शाखा अध्यक्ष डॉ. एम. राजनारायण मुदिराज ने बताया कि कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम और कथक के क्षेत्र में पिछले 20 वर्षों से निरंतर सेवा दे रही डॉ. दिव्या सल्ला, पिछले चार दशकों से भरतनाट्यम में अनेक शिष्यों को प्रशिक्षित कर रही रामकोटी स्थित श्री त्यागराज सरकारी नृत्य एवं संगीत महाविद्यालय की भरतनाट्यम गुरु डॉ. पंतुला इंदिरा हेमा तथा दशकों से कुचिपुड़ी नृत्य में सेवा दे रही ज्योति रेड्डी को मुख्य अतिथियों द्वारा नाट्य शिरोमणि अवॉर्ड-2026 से सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति-पत्र, शाल, पुष्पमाला और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
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विश्व नृत्य दिवस पर तेलंगाना भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ. एनुगु नरसिम्हा रेड्डी को तेलंगाना मेधावी मंच राज्य शाखा अध्यक्ष डॉ. राजनारायण मुदिराज ने शॉल, स्मृति चिह्न और पुष्पमाला से सम्मानित किया। कार्यक्रम में समन्वयक पेम्बर्ति रविंदर, अनुप्रसाद, जी. वेणुगोपाल, बिच्चुकारी सूर्य, श्रीराम किशोर व अन्य उपस्थित थे।
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