तोड़-फोड़ के संबंध में अधिकारियों को पीड़ितों का सहयोग करने का आदेश
हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने सोमवार को राजस्व और पुलिस अधिकारियों को आइलापुर में हाल ही में की गई तोड़-फोड़ के मामले में पीड़ितों का सामान हटाने में सहयोग करने का आदेश दिया। गौरतलब है कि संगारेड्डी जिले के अमीनपुर मंडल के आइलापुर में हैद्रा द्वारा किए गए विध्वंस को चुनौती देते हुए 98 वर्षीय किसान एमए शरीफ ने याचिका दायर की।
दायर याचिका पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस बी. विजय सेन रेड्डी ने सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने आदेश दिया कि प्रक्रिया प्रस्तुत किए जाने तक कोई भी विध्वंस नहीं किया जाना चाहिए। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने दलील देते हुए कहा कि हैद्रा के अधिकारी सुबह 4.30 बजे से ही सामान निकालने का अवसर दिए बिना तोड़-फोड़ प्रारंभ की। इस कारण पीड़ित लोग अपने घर से इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित कीमती घरेलू सामग्री नहीं ले सके।
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दलीलें न सुनने और सामान ले जाने का मौका न देने के कारण उन्हें भारी नुकसान हुआ है। नुकसान में सीसी टीवी कैमरे और अन्य घरेलू सामान शामिल है। उन्होंने कहा कि मल्बे के नीचे दबे सामान को हटाना जरूरी है अन्यथा वे क्षतिग्रस्त हो जाएँगे और उन्हें आगे और नुकसान उठाना पड़ सकता है। दलील सुनने के बाद न्यायाधीश ने अमीनपुर तहसीलदार और सहायक पुलिस आयुक्त को याचिकाकर्ता का सामान हटाने की अनुमति देने और इस प्रक्रिया में आवश्यक सहायता प्रदान करने के आदेश जारी किए।
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