कम आयु में बढ़ रहे हैं अंग विफलता के मामले : रिपोर्ट
हैदराबाद, निज़ाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (निम्स) की एक रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है कि 20 से 50 वर्ष की आयुवर्ग के लोगों में अंग विफलता के मामले बढ़ रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, निम्स द्वारा जारी आंकड़ों में कहा गया है कि हैदराबाद में युवा वयस्कों में अंग विफलता के मामलों में चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है, जिसके चलते अंग प्रत्यारोपण के लिए पंजीकरण कराने वालों में 20 से 50 वर्ष की आयु के व्यक्ति सबसे अधिक हैं। यह वृद्धि मुख्य रूप से जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण सामने आ रही है।
अनियंत्रित उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मद्यपान और विभिन्न दर्द निवारक दवाओं का सेवन, जिम जाने वालों द्वारा प्रोटीन सप्लीमेंट के अधिक सेवन, पर्यावरणीय कारक आदि के कारण किडनी सहित शरीर के अन्य अंगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँच रहा है। कई मामलों में अंग विफलता तक की स्थितियां बन जाती हैं और अंतिम विकल्प के रूप में अंग प्रत्यारोपण रह जाता है। निम्स में हर महीने लगभग 500 नए किडनी रोगियों का इलाज होता है, जिनमें से 50 से 60 रोगी बीमारी की गंभीर अवस्था में होते हैं।
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कम आयु में ही अंग विफलता के बढ़ते मामलों को देखते हुए चिकित्सकों का कहना है कि 25 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को वार्षिक स्वास्थ्य जांच अवश्य करानी चाहिए, ताकि उच्च रक्तचाप और मधुमेह का पता अंगों पर पड़ने वाले इसके प्रतिकूल प्रभावों के पहले ही लगाया जा सके।
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