आरक्षण का वादा कर फँस चुकी है कांग्रेस : केटीआर
हैदराबाद, भारत राष्ट्र समिति (भारास) कार्यकारी अध्यक्ष व विधायक कल्वाकुंट्ला तारक रामाराव ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर पलटवार करते हुए कहा कि दरअसल पिछड़ा वर्ग को 42 प्रतिशत आरक्षण देने के वादे को लेकर कांग्रेस सरकार फंस चुकी है इसलिए जो राज्य सरकार की परिधि में नहीं है उसपर बिल लाकर बीसी वर्ग को धोखा देने के प्रयास कर रही है।
पिछडा वर्ग को 42 प्रतिशत आरक्षण को लेकर सरकार द्वारा विधानसभा में पेश पंचायतराज अधिनियम व म्युनिसिपल एक्ट संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान केटीआर ने कहा कि कांग्रेस को वादा करने के समय ही कह देना था कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री जब बनेंगे तब बीसी को 42 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केवल बीसी डिक्लेरेशन देना ही काफी नहीं होता है, डेडीकेशन भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसकी जितनी आबादी उसकी उतनी हिस्सेदारी का नारा देने वाले सांसद राहुल गांधी वोट चोरी के मुद्दे पर देशभर में आवाज उठा रहे हैं लेकिन क्यों 42 प्रतिशत आरक्षण की मांग संसद में नहीं उठा रहे हैं?
ऐसा नहीं करके क्यों बीसी वर्ग को गुमराह कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि यदि दोनों राष्ट्रीय दल कांग्रेस और भाजपा पिछड़ा वर्ग को सही में न्याय देना चाहते हैं तो लोकसभा में संविधान संशोधन करके आरक्षण को 9वें शेड्यूल में शामिल कर सकते हैं। उन्हेंने स्पष्ट किया कि संशोधन बिल का बीआरएस संपूर्ण समर्थन करती है लेकिन सरकार बताए कि मार्च में जो बीसी बिल पास किया गया था उसमें और आज पेश संशोधन कानून में क्या अंतर है?
केटीआर ने बीसी बिल और दिल्ली कार्रवाई पर जोर दिया
उस बिल पर राज्यपाल व राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर नहीं किए तो अब कैसे करेंगे बताएं? उन्होंने कहा कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली ले जाने के लिए बीआरएस भी पूरी ताकत से समर्थन देने तैयार है। उन्होंने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी द्वारा भाजपा विधायक दल के उपनेता पायल शंकर से प्रधानमंत्री का अपाइंटमेंट दिलाने के आग्रह की ओर इशारा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री से अपाइंटमेंट विधायक नहीं दिलाते हैं।
अपाइंटमेंट की प्रक्रिया मुख्यमंत्री कार्यालय से होती है। केटीआर ने कहा कि तेलंगाना आंदोलन के समय पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर ने दिल्ली जाने के समय कहा था कि तेलंगाना हासिल करके ही लौटेंगे उसी प्रकार यदि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी में दम हो तो कहें दिल्ली जाकर बीसी बिल हासिल करके ही लौटेंगे वरना दिल्ली में ही जंतर मंतर पर आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।
केटीआर ने कहा कि सांसद राहुल गांधी से पहले ही पूर्व केसीआर सरकार ने जातिगत जनगणना करने की मांग करते हुए विधानसभा में प्रस्ताव पारित करके केंद्र सरकार को भेजा था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 में ही तत्कालीन टीआरएस की ओर से बीसी पालिसी लाई गई थी। कांग्रेस नीत पूर्व संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में केसीआर केंद्रीय मंत्री थे तभी तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से केसीआर ने भारत देश में पहली बार केंद्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्रालय बनाने की मांग प्रधानमंत्री से की थी।
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केटीआर का कांग्रेस पर तेलंगाना धन दुरुपयोग आरोप
केटीआर ने कहा कि वर्ष 2014 में सत्ता संभालते ही पिछड़ा वर्ग से संबंधित सिरीकोंडा मधुसूदनाचारी को विधानसभा के सभापति तथा पिछड़ा वर्ग से संबंधित स्वामी गौड़ को चेयरमैन पद दिया था। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर बीआरएस के प्रति दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया और कहा कि पूर्व केसीआर सरकार द्वारा पेश पंचायतराज कानून में कहीं भी सीलिंग शब्द नहीं है। बिना वजह सरकार जनता को गुमराह न करे।
केटीआर ने कांग्रेस सरकार पर तेलंगाना का धन बिहार चुनाव में खर्च करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तेलंगाना में पिछड़ा वर्ग को आरक्षण अमल ही नहीं हुआ, परंतु बिहार चुनाव प्रचार के दौरान वहां के अखबारों में पिछड़ा वर्ग को 42 प्रतिशत आरक्षण अमल किए जाने संबंधी विज्ञापन प्रकाशित करके तेलंगाना का पैसा बिहार में खर्च किया जा रहा है, इस पर सरकार के सचेतक आदि श्रीनिवास ने हस्तक्षेप करते हुए केटीआर पर पलटवार किया।
केटीआर ने कहा कि तेलंगाना की संपदा को दूसरे राज्यों पर लुटाने वाली पूर्व केसीआर सरकार ने पंजाब में जाकर चेक बांटे थे। उन्होंने कहा कि केसीआर के शासन में ही तेलंगाना कर्जदार बन गया। तेलंगाना की संपदा लूटने वाले सरकार को उपदेश देने लगे हैं। उन्होंने कहा कि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) नाम से तेलंगाना हटाकर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) रखके खुद केसीआर ने तेलंगाना से नाता तोड़ लिया था।
सकारात्मक सोच से आगे बढेंगे : पोन्नम
पिछड़ा वर्ग मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने केटीआर को सलाह देते हुए कहा कि बीसी बिल को लेकर सरकार सकारात्मक सोच से आगे बढ़ रही है और विश्वास करती है कि राज्यपाल व राष्ट्रपति का मन बदलेगा इसलिए बीआरएस भी सकारात्मक सोच लेकर सरकार का साथ दे। उन्होंने कहा कि पूर्व केसीआर सरकार ने भी वर्ष 2014 में बीसी सबप्लान लाने का वादा किया था, परंतु निभाया नहीं।
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