श्रृंगेरी डाक मतपत्र पुनर्गणना में साजिश और छेड़छाड़ : सिद्धरमैया
बेंगलुरु, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मंगलवार को आरोप लगाया कि श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र में डाक के माध्यम से डाले गए मतों के पुनर्सत्यापन और पुनर्गणना के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार डी एन जीवराज ने आपराधिक साजिश रची।
सिद्धरमैया ने दावा किया कि पुनर्सत्यापन और पुनर्गणना की प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार टी डी राजे गौड़ा के पक्ष में पड़े वैध डाक मतों के साथ छेड़छाड़ करके नतीजों में हेरफेर की गई। गौड़ा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली जीवराज की चुनाव याचिका पर कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर पिछले शनिवार को श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र में डाक मतपत्रों का पुनर्सत्यापन और पुनर्गणना की गई। निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पुनर्सत्यापन और पुनर्गणना के बाद गौड़ा के पक्ष में पड़े डाक मतों की संख्या में 255 की कमी दर्ज की गई।
अधिकारी के मुताबिक, इस मामले में एक रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए निर्वाचन आयोग को सौंप दी गई है। गौड़ा ने 2023 में कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनावों में श्रृंगेरी में जीवराज को 201 वोट के अंतर से हराया था। सिद्धरमैया ने बेंगलुरु में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उच्च न्यायालय ने डाक मतपत्रों की दोबारा गिनती करने का निर्देश दिया था और दो मई को हुई पुनर्गणना के दौरान अनियमितताएं बरते जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा, “यह आपराधिक साजिश का स्पष्ट मामला है।”
सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि पुनर्गणना के दौरान कांग्रेस, भाजपा और जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) सहित सभी पार्टियों के मतगणना एजेंट ने गौड़ा के पक्ष में डाले गए वैध वोटों का सत्यापन किया था, लेकिन बाद में इनके साथ छेड़छाड़ की गई। उन्होंने दावा किया कि डाक मतपत्रों की पुनर्गणना के दौरान 255 वोट को शुरू में सभी एजेंट ने वैध माना था, लेकिन बाद में अधीनस्थ अधिकारियों ने उनके साथ छेड़छाड़ की।
भाजपा नेता जीवराज पर सुनियोजित साजिश का दावा
सिद्धरमैया ने कहा, “गौड़ा के पक्ष में पड़े वोट पर दूसरा निशान भी है। इन्हें वैध वोट मान लिया गया था। बाद में अधिकारियों ने एक और निशान लगाया। यह आपराधिक साजिश का स्पष्ट मामला है।” यह पूछे जाने पर कि कथित साजिश के पीछे कौन है, मुख्यमंत्री ने कहा, “इस साजिश के पीछे जीवराज और अन्य लोगों का हाथ है। यह एक सुनियोजित साजिश है।” सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि पुनर्गणना के दौरान निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षक की मौजूदगी के बावजूद नतीजे घोषित करके निर्वाचन अधिकारी ने अनुचित तरीके से काम किया।
सिद्धरमैया ने कहा, “पुनर्गणना के तुरंत बाद निर्वाचन अधिकारी ने नतीजे घोषित कर दिए। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था; यह कानून के खिलाफ है।” सिद्धरमैया ने कहा कि गौड़ा ने मूल रूप से 201 वोट से जीत हासिल की थी, लेकिन डाक मतपत्रों की पुनर्गणना के बाद भाजपा उम्मीदवार को 52 मतों के अंतर से विजेता घोषित कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया, “भाजपा ने आपराधिक साजिश रची है। यह ‘वोट चोरी’ नहीं, बल्कि ‘वोट डकैती’ है।”
चुनाव अधिकारी के फैसले को अदालत में चुनौती देने की तैयारी
सिद्धरमैया ने कहा कि गौड़ा के चुनाव एजेंट सुधीर कुमार ने पहले ही पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है। उन्होंने चुनावों में निष्पक्षता की अहमियत पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम पारदर्शिता और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं। हमारा संविधान इसे अनिवार्य करता है।” उन्होंने कहा, “हम निर्वाचन अधिकारी के कदम को अदालत में चुनौती देने के लिए याचिका तैयार कर रहे हैं।”
सिद्धरमैया ने कहा कि वह डाक मतपत्रों के साथ कथित छेड़छाड़ की फॉरेंसिक जांच का आदेश देंगे। पांच राज्यों में संपन्न हालिया विधानसभा चुनावों से जुड़े सवाल पर सिद्धरमैया ने कहा कि पश्चिम बंगाल में सत्ता विरोधी लहर दिखाई दी, जबकि तमिलनाडु के नतीजे “चौंकाने वाले हैं”, जहां अभिनेता-नेता विजय की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। (भाषा)
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