क्रिकेट को भारी नुकसान हो रहा है : अरशद अयूब

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हैदराबाद, हैदराबाद क्रिकेट असोसिएशन (एचसीए) के पूर्व पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि क्रिकेट फर्स्ट के बैनर तले क्रिकेट की गतिविधियों को छोड़कर बाकी सब चीजें पिछले दो साल से एचसीए में हो रही हैं।

यहाँ फतेह मैदान क्लब में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए एचसीए के पूर्व अध्यक्ष एवं टेस्ट क्रिकेटर अरशद अयूब ने कहा कि एचसीए में पिछले दो वर्षों से लोढा सिफारिशों को ठंडे बस्ते में डालकर अन्य चीजों को प्राथमिक दी जा रही है। ऐसा लग रहा है कि एचसीए के वर्तमान प्रशासक क्रिकेट को आखिरी पायदान पर प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रशासकों की मनमानी के चलते एचसीए के नियमों को दरकिनार किया जा रहा है और इस प्रक्रिया में क्रिकेट को नुकसान हो रहा है।

तत्काल एचसीए वार्षिक आम बैठक बुलाने का समय आ गया है। अरशद अयूब ने कहा कि एचसीए ने अप्रैल माह में लीग मैचों की घोषणा की है, लेकिन चयनकर्ताओं का कोई पता नहीं। बिना चयनकर्ताओं की नियुक्ति के लीग कैसे किया जा सकता है, क्योंकि चयनकर्ताओं के जरिए राज्य की टीमें बनानी पड़ती है। उन्होंने एचसीए के कार्यकलापों पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि चयनकर्ता पिछले दो साल से लोढा सिफारिशों के अनुसार नहीं है।

भीषण गर्मी में लीग सत्र शुरू करने पर जताई आपत्ति

चयन समिति प्रशिक्षकों की नियुक्ति वार्षिक आम सभा में चर्चा कर करनी होगी। अरशद अयूब ने भीषण कर्मी के दौरान लीग सत्र शुरू करने पर भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य में रेड अलर्ट जारी है और ऐसे भीषण मौसम में लीग सत्र शुरू करना बुद्धिमानी नहीं है। पिछले कई वर्षों से लीग सत्र मई के अंत में या जून में शुरू होता था, ताकि खिलाड़ियों के लिए मौसम अनुकूल रहे। उन्होंने कहा कि गर्मी के चलते खिलाड़ी मैदान में चकराकर गिर गए, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। वर्तमान एचसीए के पदाधिकारियों को इन सारी चीजों पर गौर करना चाहिए।

अरशद अयूब ने आगे कहा कि प्रशासकों से मेरा निवेदन है कि वे नियमों का पालन करें, ताकि सभी एकमत हो। पिछले कुछ महीनों से एचसीए में जवाबदेही को लेकर काफी भ्रम की स्थिति है, इसे दूर करना होगा। अरशद ने टीजी20 लीग की गवर्निंग काउंसिल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गवर्निंग काउंसिल एचसीए की साधारण सभा में नियुक्त की जाती है न कि मनमानी। एचसीए के पूर्व सचिव टी. शेष नारायण ने कहा कि एचसीए के अनुबंधित क्लबों को विकास निधि देकर वापस माँग रहे हैं, जबकि साधारण सभा में निर्णय लिया गया कि सभी क्लबों को विकास निधि जारी किया जाए।

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विकास निधि जल्द जारी करने की उठी मांग

पिछले कुछ वर्षों से क्रिकेट का संचालन करने के लिए क्लबों को अच्छे-खासे पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। इसीलिए क्लबों को विकास निधि जल्द से जल्द देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हद तो यह हो गई है कि एचसीए के अनुबंधित क्लबों के पदाधिकारियों को आईपीएल के मैचों में वाहन पास भी नहीं दिया जा रहा है। यह क्लब राज्य के टीमों के लिए क्रिकेटर मुहैया कराते हैं। इसीलिए क्लब के पदाधिकारी एचसीए की व्यवस्था का अहम हिस्सा है।

अरशद अयूब ने कहा कि मीडिया पत्रकारों को भी वाहन पास के लिए धक्के खाना पड़ रहा है। शेष नारायण ने एचसीए के सचिव जीवन रेड्डी से अपील किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनकी नाक के नीचे ऐसी घटनाएँ न हो। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय ने बीसीसीआई के अनुबंधित इकाइयों को अपेक्स काउंसिल की संख्या बढ़ाने की मंजूरी दी है, लेकिन दुर्भाग्य से एचसीए ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।

एचसीए के वर्तमान सचिव इस मामले को तत्काल वार्षिक आम सभा में उठाएँ और अपेक्स परिषद के सदस्यों की संख्या बढ़ाएँ, ताकि हमारे पास मुद्दों पर चर्चा और निर्णय लेने के लिए एक अधिक सार्थक निकाय हो सके। एचसीए के पूर्व सचिव जॉन मनोज ने कहा कि वर्तमान समय में एचसीए की व्यवस्था बिगड़ चुकी है और इसे सुधारने की जरूरत है। अब समय आ गया है कि इसको ठीक किया जाए। उन्होंने कहा कि एचसीए में कई अनुभवी प्रशासक एवं पूर्व टेस्ट क्रिकेटर हैं, जिनकी सेवाओं का उपयोग क्रिकेट के संचालन हेतु कर सकते हैं। (सी. सुधाकर)

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