12 लोगों की जान बचाने में सफल रही साइबर अपराध पुलिस
हैदराबाद, क्षणिक आवेश में लिए गए निर्णय के कारण कई लोग आत्महत्या का शिकार हो रहे हैं। किसी के फटकारने से, परीक्षा में फेल हो जाने, आर्थिक तंगी और अन्य कुछ कारणों के चलते कई लोग क्षणिक आवेश में आकर अपनी जान पर खेल जाते हैं। वे लोग तो इस दुनिया से चले जाते हैं, लेकिन उनके पीछे इस दुनिया में रहने वालों पर क्या गुजरती है, इसका कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है।
हाल ही में वनपर्ती में एक पॉलटेक्निक छात्र ने परीक्षा में फेल होने और पिता से परीक्षा शुल्क को लेकर झगड़ा होने के कारण क्षणिक आवेश में आत्महत्या का निर्णय लिया और इसके संबंध में विवरण सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया। चंद मिनटों में स्थानीय पुलिस उसके घर पहुँच गई और विद्यार्थी से परामर्श कर उसकी जान बचाई। बिना किसी सूचना के अचानक पुलिस के पहुँचने को लेकर आत्महत्या करने वाला विद्यार्थी और आस-पास के सभी लोग हैरत में आ गए। वे यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि आखिरकार पुलिस को इस घटना की जानकारी कैसे मिली।
मेटा अलर्ट तकनीक का किया गया उपयोग
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे तेलंगाना की साइबर अपराध पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस प्रकार साइबर अपराध पुलिस ने पिछले चार सप्ताह के दौरान तेलंगाना में आत्महत्या का प्रयास करने वाले चार लोगों की जान बचाने में सफलता हासिल की है। निजामाबाद में भी इसी प्रकार घरेलू कलह के चलते एक व्यक्ति ने आत्महत्या का प्रयास करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड किया। वीडियो के अपलोड होते ही चंद मिनटों में स्थानीय पुलिस ने वहाँ पहुँचकर आत्महत्या करने वाले व्यक्ति की जान बचाई। अब तक कुल 12 लोगों की जान बचाई गयी है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक व साइबर अपराध निदेशक शिखा गोयल के अनुसार, तेलंगाना साइबर अपराध पुलिस ने मेटा कंपनी के साथ एक ऐसी तकनीक का विकास किया है, जो सोशल मीडिया पर इस प्रकार आत्महत्या के प्रयास संबंधी वीडियो और मैसेज के पोस्ट होते ही साइबर अपराध पुलिस को अलर्ट प्राप्त होता है। इस अलर्ट के प्राप्त होते ही तुरन्त डिजिटल जाँच प्रारंभ हो जाती है और इस जाँच के तहत पोस्ट भेजे गए सरवर को ट्रैक कर नजदीकी पुलिस थाने को अलर्ट किया जाता है।
ट्रैकिंग से कई लोगों की जान बची
इस प्रकार इस पूरी प्रक्रिया में आत्महत्या का प्रयास करने वाले व्यक्ति का लोकेशन हासिल कर स्थानीय पुलिस को वहाँ तक पहुँचने में 10 मिनट से भी कम समय लगता है। इस प्रकार इस तकनीक के जरिए 24 घंटे सातों दिन निगरानी रखते हुए आत्महत्या का प्रयास करने वालों की जान बचाने का कार्य किया जा रहा है। इस प्रकार पिछले चार सप्ताह के दौरान आत्महत्या का प्रयास करने वाले चार लोगों की जान बचाई गई। उन्होंने बताया कि साइबर टीमें मेटा से प्राप्त जानकारी के साथ-साथ अतिरिक्त ओएसआईएनटी आधारित लोकेशन ट्रेकिंग तकनीक का उपयोग कर व्यक्ति के ठिकाने का पता लगा लेती है।
इसके बाद व्यक्ति के ठिकाने के बाद हमें तुरन्त स्थानीय पुलिस को सतर्क करते हुए मैसेज भेज दिया जाता है। मैसेज मिलते ही बिना किसी देरी के स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँचकर आत्महत्या करने वाले व्यक्ति को विश्वास में लेकर उससे परामर्श कर उसे आत्महत्या करने से रोकती है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार हैदराबाद में दो, सिद्दीपेट में दो, जग्तियाल, वनपर्ती, खम्मम, महबूबनगर, नलगोंडा ज़िलों में एक-एक व्यक्ति को आत्महत्या करने से रोका गया। इसके अलावा अन्य तीन लोगों की जान बचाई गयी।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



