गीता परिवार का 23वाँ बाल संस्कार शिविर आरंभ

हैदराबाद, गीता परिवार, हैदराबाद एवं श्री स्वामी नारायण गुरुकुल द्वारा आयोजित 23वाँ बाल संस्कार शिविर भव्यता से आरंभ हुआ। शिविर आगामी 17 मई तक जारी रहेगा। आज यहाँ मोइनाबाद स्थित श्री स्वामीनारायण गुरुकुल के प्रांगण में गीता परिवार हैदराबाद द्वारा आयोजित बाल संस्कार शिविर का उद्घाटन सम्मानित अतिथि गुरुकुल के स्वामी सद्गुणप्रियदासजी, गीता परिवार के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रदीप राठी, श्री श्याम मंदिर सेवा समिति के मंत्री इन्द्रकरण अग्रवाल, समिति के सहमंत्री रामदेव अग्रवाल, गीता परिवार के परामर्शदाता जगदीश सौंथलिया, गीता परिवार के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं अंचल प्रमुख हरिनारायण व्यास, शिविर संयोजक अरुण गौड द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

स्वामी सद्गुणप्रियादासजी ने कहा कि वर्तमान मे संस्कारों की बहुत ही आवश्यकता है। माताएँ बच्चों को संस्कार का पोषण करती हैं। यह संस्कार बच्चा जब गर्भ में होता है, तभी से प्रारंभ होते हैं। स्वामीजी ने भक्त प्रह्लाद की कथा के माध्यम से बताया कि जब प्रह्लाद माता के गर्भ में थे, तो उनकी माता को नारद मुनिजी प्रभु की कथा सुनाया करते थे।

जब माता सो जाती, तो नारदजी कथा को विराम देते थे, लेकिन तभी गर्भ से आवाज आती कि कथा जारी रखें मैं सुन रहा हूँ। इस प्रकार भक्त प्रह्लाद प्रभु के अनन्य भक्त बने और पाँच साल की उम्र में नरसिंह स्वामी के दर्शन किये। स्वामीजी ने कहा कि बच्चे को संस्कार माँ ही दे सकती है। इसलिए वर्तमान की आधुनिक माँ इस पर ध्यान दे। शिशु गर्भ में हो तो भजन कीर्तन एवं कथा का श्रवण करें, इससे बच्चा संस्कारी होगा।

स्वामीजी और गीता परिवार की प्रेरणादायक बातें

स्वामीजी ने बच्चों को सुबह उठकर माता-पिता को प्रणाम करने तथा जीवन में अभय बनने की प्रेरणा दी। स्वामीजी ने कहा कि जीवन में शूरवीर बनें और शूरवीर ही भारती संस्कृति की रक्षा कर सकते हैं। स्वामीजी ने कहा कि स्वामीनारायण की भूमि पावन है, क्योंकि यहाँ मंदिर, गौशाला, संत का संगम देखा जा सकता है। यही भारतीयता की पहचान है।

इंद्रकरण अग्रवाल ने गीता परिवार के संस्कार शिविर की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान में इस प्रकार के शिविरों की बहुत ही ज्यादा आवश्यकता है। यह कार्य गीता परिवार द्वारा किया जा रहा है। भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए पहले बच्चों को संस्कारी बनाना आवश्यक है। गीता परिवार ने बच्चों को सुधारने के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया है।

गीता परिवार के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरिनारायण व्यास ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि गीता परिवार के बाल संस्कार शिविर में सात दिन में बच्चों को बहुत कुछ सीखने का अवसर मिलेगा। टीम बहुत ही अच्छे तरीके से बच्चों को प्रोत्साहित करेगी। गीता परिवार पिछले 38 वर्षों से देश के कई क्षेत्रों में कार्य कर संस्कार का पोषण कर रहा है। हैदराबाद में 23वाँ शिविर आरंभ हुआ है।

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गीता परिवार के बाल संस्कार शिविर का भव्य समापन

कोविड के दो वर्ष में शिविर नहीं हुआ। पहले शिविर में गुरुकुल में स्वामी देवप्रसादजी महाराज से आग्रह किया, तो स्वामीजी ने गीता परिवार को इसका अपना बताया और तभी से गुरुकुल में हर वर्ष शिविर का आयोजन किया जाता है। इसमें स्वामी नारायण गुरुकुल द्वारा पूर्ण सहयोग दिया जाता है। स्वामी नारायण की कृपा रही, तो गीता परिवार का 25वाँ शिविर बहुत ही व्यापक होगा।

उन्होंने कहा कि समय के अनुसार बच्चे कार्य करें और अनुशासन का पालन करें। शिविर के समापन पर आपकी क्षमता को देखकर परिवार को गर्व हो इस प्रकार से सीखें। शिविर के संयोजक अरुण गौड़ ने सभा का संचालन करते हुए शिविर की विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि शिविर का समापन 17 मई को भव्यता से होगा। शिविर में बच्चों को संस्कार के साथ योग, ध्यान सहित अन्य बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। अवसर पर शिविर संयोजक रमेश असावा, सुनीता दरक, वेदिका दरक, प्रणय ठाकुर, प्रतीक मालू, गीता परिवार हैदराबाद की अध्यक्ष श्रद्धा रावदेव, मंत्री गौरव हेडा, कोषाध्यक्ष दिलीप धूत व अन्य उपस्थित थे।

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