सिगाची अग्निकांड पीड़ितों को एक करोड़ मुआवजा दे सरकार : हरीश राव

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हैदराबाद, भारत राष्ट्र समिति विधायक दल के उप नेता टी. हरीश राव ने माँग करते हुए कहा कि सिगाची उद्योग अग्नि दुर्घटना में मारे गए 54 कर्मचारियों के परिजनों को प्रति परिवार 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने का जो वादा कांग्रेस सरकार ने किया था, उसे तुरंत निभाए।

हरीश राव ने याद दिलाते हुए कहा कि जब दुर्घटना घटी थी, तब मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, श्रम मंत्री जी. विवेक वेंकटस्वामी, स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा ने घटनास्थल का जायजा लिया था और मृतकों के शवों को गवाह बनाकर की गई घोषणा में वादा किया था कि सरकार हर पीड़ित परिवार को 1-1 करोड़ रुपये मुआवजा देगी। उसी को निभाते हुए कर्मचारियों के पीएफ, ईएसआई से संबंध न रखते हुए प्रति पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा अदा करे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को जिंदा लोगों से वादाखिलाफी करके धोखा देने की तो आदत है कम से कम प्राण गँवाने वालों के परिजनों को तो बख्श दें, उनका हक उन्हें दे दें।

निदेशकों की संपत्ति कुर्क कर पीड़ितों की मदद की मांग

हरीश राव ने कहा कि यदि सरकार ईमानदार या इच्छाशक्ति रखती है, तो तुरंत ही सिगाची कंपनी के निदेशकों की संपत्तियों को राजस्व रिकवरी एक्ट के तहत अटैच करे और उन्हें बेचकर पीड़ित परिवारों की सहायता करें। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल दुर्घटना नहीं थी, बल्कि प्रबंधन की लापरवाही के कारण हुई सामूहिक हत्या थी। उन्होंने कहा कि जाँच में स्पष्ट हो गया कि कारखाने में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार व कंपनी प्रबंधन ने मिलकर मुआवजे के आँकडों में हेराफेरी की है।

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हरीश राव ने कहा कि सरकार ने विधानसभा में लिखित जो जवाब दिया है, उसके अनुसार 54 पीड़ित परिवारों को मिलाकर अब तक 24.51 करोड़ रुपये दिए हैं, यदि इनका सभी में विभाजन किया जाए तो प्रति कर्मचारी परिवार को करीब 45.40 लाख रुपये मात्र प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो 1 करोड़ रुपये देने का वादा किया था उसमें से प्रति परिवार करीब 54.60 लाख रुपये देने बाकि हैं। उन्होंने कहा कि इसमें और एक झोल है, प्रबंधन ने अपनी ओर से 40 से 42 लाख रुपये देने की बात कोर्ट में मानी थी।

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