हैदराबाद बन गया मेगा सिटी : कर्णन
हैदराबाद, ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के विस्तारित स्वरूप के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में नवगठित 12 ज़ोन आयुक्तों ने पद्भार संभाल लिया। इसी तरह निगम में अब तीस के स्थान पर 60 सर्कल कार्यालय स्थापित किये गये हैं। जीएचएमसी आयुक्त आर.वी. कर्णन ने नये जोनल कार्यालयों के उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लेते हुए कहा कि इस विस्तार के साथ ही हैदराबाद अब मेगासिटी बन गया है।
आर.वी. कर्णन ने आबिड्स स्थित जीएचएमसी भवन में नवस्थापित राजेंद्र नगर और गोलकोंडा ज़ोनल आयुक्त कार्यालयों का उद्घाटन किया। अवसर पर अनुराग जयंती ने राजेंद्र नगर के ज़ोनल आयुक्त के रूप में तथा जी. मुकुंद रेड्डी ने गोलकोंडा के ज़ोनल आयुक्त के रूप में पद्भार ग्रहण किया। मीडिया से बातचीत करते हुए कर्णन ने बताया कि 27 शहरी स्थानीय निकायों के विलय के चलते शहर का दायरा क़ाफी बढ़ गया है।
नए ज़ोनल व सर्कल कार्यालयों से नागरिक सेवाएँ होंगी तेज़
जीएचएमसी का क्षेत्रफल 650 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 2,053 वर्ग किलोमीटर हो गया है। विस्तारित क्षेत्र में प्रशासनिक सुविधा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने वार्डों की संख्या 150 से बढ़ाकर 300, ज़ोन की संख्या छह से बढ़ाकर 12 तथा सर्कलों की संख्या 30 से बढ़ाकर 60 कर दी है। उप्पल, कुतबुल्लाहपुर, मलकाजगिरी, शमशाबाद, गोलकोंडा और राजेंद्र नगर में नए ज़ोन बनाए गए हैं।

आयुक्त ने कहा कि अतिरिक्त ज़ोनल और सर्कल कार्यालयों की स्थापना से आम नागरिकों को तेज़ और सुलभ नागरिक सेवाएँ मिल सकेंगी तथा पूरे शहर में विकास कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि जीएचएमसी के अंतर्गत 20 नगरपालिकाओं और 7 नगर निगमों को मिलाकर कुल 27 शहरी स्थानीय निकायों के विलय के साथ हैदराबाद के नगर प्रशासन में सरकार ने एक नए युग की शुरुआत की। वार्डों की संख्या में वृद्धि का उद्देश्य जनप्रतिनिधित्व को मजबूत करना, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना तथा विस्तारित शहरी क्षेत्रों में नागरिक सेवाओं को लोगों के और अधिक निकट लाना है।
नये जोनल आयुक्तों में भोरखड़े हेमंत सहदेवराव (शेरीलिंगमपल्ली), अपूर्व चौहान, (कुकटपल्ली), संदीप कुमार झा (कुतबुल्लाहपुर), एस. श्रीनिवास रेड्डी (चारमीनार), जी. मुकुंदा रेड्डी (गोलकोंडा), प्रियंका अला (खैरताबाद), अनुराग जयंती (राजेंद्र नगर), एन. रवि किरण, (सिकंदराबाद), के. चंद्रकला (शमशाबाद), हेमंत केशव पाटिल (एल.बी. नगर), संचित गंगवार (मलकाजगिरी) एवं राधिका गुप्ता (उप्पल) शामिल हैं।
विकेंद्रीकृत शासन के लिए ज़ोन और सर्कलों का पुनर्निर्माण
विलय के बाद बढ़ी प्रशासनिक जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए राज्य सरकार ने जीएचएमसी की संरचना को 6 ज़ोन और 30 सर्कलों से बढ़ाकर 12 ज़ोन और 60 सर्कल करने को मंजूरी दी। वर्तमान में जीएचएमसी की जनसंख्या 1.34 करोड़ से अधिक है। ऐसे में यह बदलाव विकेंद्रीकरण, प्रशासनिक समानता और बेहतर सेवा वितरण में सहायक सिद्ध होंगे।नई प्रशासनिक संरचना के अनुरूप सरकार ने जीएचएमसी के लिए 12 ज़ोनल आयुक्तों की नियुक्ति की।
इनके द्वारा पद्भार ग्रहण किए जाने के साथ ही पुनर्गठित ज़ोनल प्रशासन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया। विस्तारित जीएचएमसी क्षेत्र के साथ भूमि उपयोग, परिवहन, आवास, वर्षा जल निकासी और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में समग्र महानगरीय योजनाएँ लागू करने का अवसर प्राप्त हुआ। विलय किए गए क्षेत्रों को जीएचएमसी की ओर से पर्याप्त वित्तीय संसाधन, तकनीकी विशेषज्ञता, स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, मच्छर नियंत्रण, और आपातकालीन सेवाओं जैसी मानक नागरिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
जीएचएमसी आयुक्त ने बताया कि विस्तृत कर आधार और सरलीकृत प्रशासन के चलते जीएचएमसी की वित्तीय और संस्थागत क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस पुनर्गठन से संतुलित शहरी विकास, आपदा एवं बाढ़ प्रबंधन में सुधार, शहर के केंद्र से लेकर बाहरी क्षेत्रों तक समान बुनियादी ढाँचे का विकास संभव हो सकेगा। विस्तारित और पुनर्गठित जीएचएमसी सुशासन, समग्र विकास और सतत शहरी वृद्धि के लक्ष्यों के साथ हैदराबाद के भविष्य के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। यह कदम हैदराबाद को एक विश्वस्तरीय महानगर के रूप में विकसित करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
गोलकोंडा जोन में होगा गोशामहल
जोनल एवं सर्कल कार्यालयों में विभाजन के साथ ही कई इलाकों के जोन बदल गये हैं। विशेष रूप से गोशामहल अब खैरताबाद के स्थान पर गोलकोंडा ज़ोन में होगा। गोलकोंडा जोन में गोशामहल, कारवान, गोलकोंडा, मेहदीपट्टनम और मासाब टैंक के इलाके होंगे। इसमें 26 वार्ड शामिल किये गये हैं।
उल्लेखनीय है कि नये जोनों में जहाँ राजेंद्र नगर में अत्तापुर, बहादुरपुरा, फलनकनुमा, चंद्रायनगुट्टा और जंगममेट के अलावा राजेंद्र नगर सर्कल होगा, जिसमें बडंलागुड़ा जागीर, किस्मतपुर एवं हैदरशाहकोट शामिल किया गया है। शमशाबाद जोन को पूरी तरह अलग रखा गया है, जिसमें आदिबट्ला, बडंगपेट, जलपल्ली और शमशाबाद शामिल हैं। इसी तरह उप्पल में घटकेसर, कापरा, नाचारम एवं बोडुप्पल तथा मलकाजगिरी में कीसरा, अलवाल, बोइनपल्ली, मौलाअली एवं मलकाजगिरी क्षेत्र को शामिल किया गया है। शेरीलिंगमपल्ली में पटनचेरू और मियाँपुर के अलावा नये क्षेत्र नारसिंगी एवं अमीनपुर शामिल किये गये हैं। नये जोन कुतबुल्लाहपुर में सर्वाधिक 7 सर्कल होंगे, जिनमें चिंतल, जीडिमेट्ला, कोमपल्ली, गाजुलारामारम, निजामपेट, दुंडिगल एवं मेड़चल शामिल हैं।
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