एमसीआर एचआरडी में पीसीटी तथा मैड्रिड सिस्टम पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

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तेलंगाना डॉ. एमसीआर एचआरडी संस्थान में आज भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के पेटेंट डिजाइन और ट्रेडमार्क महानियंत्रक (सीजीपीडीटीएम) कार्यालय तथा विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) द्वारा संयुक्त रूप से पेटेंट सहयोग संधि (पीसीटी) एवं मैड्रिड सिस्टम पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। भारतीय फार्मास्युटिकल निर्यात संवर्धन परिषद के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में पेटेंट तथा अंतरराष्ट्रीय बौद्धिक संपदा संरक्षण के निरंतर विकसित होते परिदृश्य पर चर्चा की गई।

वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में उभर रहा है देश

डॉ. एमसीआर एचआरडी संस्थान के महानिदेशक और तेलंगाना सरकार के विशेष मुख्य सचिव डॉ. शशांक गोयल ने अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा ज्ञान-संचालित अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यह मंच इनोवेटर्स, स्टार्टअप्स तथा व्यवसायों को पेटेंट सहयोग संधि के तहत पेटेंट दाखिल करने के रणनीतिक लाभों को समझने में मदद करेगा। डॉ. गोयल ने कहा कि भारत स्टार्ट-अप इंडिया पहल, आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया कार्यक्रम आदि द्वारा संचालित एक वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में उभर रहा है। भारत ने पेटेंट दाखिल करने में अभूतपूर्व वृद्धि देखी है। यह वृद्धि अनुसंधान, विकास और तकनीकी प्रगति पर बढ़ते जोर की परिचायक है। उन्होंने कहा सीजीपीडीटीएम के तहत बौद्धिक संपदा कार्यालय भारत में बौद्धिक संपदा ढांचे को बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। पेटेंट फाइलिंग के डिजिटलीकरण, स्टार्टअप के लिए त्वरित जांच और एमएसएमई के लिए कम फाइलिंग शुल्क जैसी पहलों के माध्यम से आईपीओ पेटेंट प्रक्रिया को अधिक सुलभ और कुशल बना रहा है। उन्होंने कहा इन सुधारों ने पेटेंट फाइलिंग में भारत की बढ़ती वैश्विक स्थिति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

भारत में पेटेंट फाइलिंग और बौद्धिक संपदा में उछाल

मैड्रिड रजिस्ट्री-डब्ल्यूआईपीओ, जिनेवा के वरिष्ठ निदेशक डेविड मुल्स ने अवसर पर कहा कि भारत उभरते नवाचार परिदृश्य के केंद्र में है। जो 2024 के वैश्विक नवाचार सूचकांक में 39वें स्थान पर है साथ ही मध्य-दक्षिणी एशिया में अग्रणी है। उन्होंने कहा भारत में बौद्धिक संपदा फाइलिंग में उछाल आया है। लगभग एक दशक में पेटेंट आवेदन दोगुने से अधिक हो गए। ट्रेडमार्क 2.5 गुना बढ़ गए और डिजाइन फाइलिंग में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई। यह जो नवाचारों के लिए देश की बढ़ती प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।

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अवसर पर डब्ल्यूआईपीओ, जिनेवा की हैना कांग, रॉबर्टो पेरेज गोम्स, सीजीपीडीटीएम कार्यालय के संयुक्त पेटेंट एवं डिजाइन नियंत्रक एन. राम चंद्र, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. पवन कुमार पांडे तथा फार्मेक्सिल की उप निदेशक डॉ. गायत्री सहित अन्य ने विषय पर अपने विचार रखे।

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