महिला दक्षता समिति शिक्षण संस्थान में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस

हैदराबाद, महिला दक्षता समिति द्वारा संचालित सुमन जूनियर एवं वोकेशनल कॉलेज, श्री वी.डी. बाजाज डिग्री कॉलेज तथा बंसीलाल मालानी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, गंगाराम, चंदानगर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन भव्य रूप से किया गया।
आज जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री डॉ. शांता सिन्हा (प्रख्यात बाल अधिकार कार्यकर्ता एवं राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष), विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. सरोज तापड़िया (चिकित्सा, कला एवं समाजसेवा क्षेत्र) और मोनीषा वेमावरापु (युवा विकास एवं सामाजिक जागरूकता क्षेत्र) उपस्थित थीं।

महिला दक्षता समिति की अध्यक्ष डॉ. सरोज बजाज ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने सभी को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आज का यह अवसर संस्थान के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण है, क्योंकि इस मंच पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियाँ उपस्थित हैं।

अतिथियों का संक्षिप्त परिचय देते हुए उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. शांता सिन्हा ने संपूर्ण जीवन बाल श्रम उन्मूलन, शिक्षा के अधिकार और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित किया है। उनके प्रयासों से हजारों बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित भविष्य प्राप्त हुआ। उनका जीवन नारी शक्ति, करुणा और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने डॉ. सरोज तपाड़िया का परिचय देते हुए कहा कि वह एक अनुभवी चिकित्सक होने के साथ कला एवं समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

किशोरियों और युवतियों के लिए युवा विकास एवं जागरूकता पर जोर

साथ ही मानवीय संवेदनाओं के साथ समाज सेवा को ध्येय बनाए हुए हैं। मोनीषा वेमावरापु का परिचय देते हुए उन्होंने बताया कि वह युवा विकास और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में कार्यरत हैं। किशोरियों और युवतियों में आत्मविश्वास, आत्मबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का कार्य कर रही हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. सरोज तपाड़िया ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि जीवन में कठिनाइयों का आना स्वाभाविक है, किंतु अंतत सफलता अवश्य प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि संस्था की अध्यक्ष डॉ. सरोज बजाज ने इस कॉलेज की प्रगति के लिए अनेक कठिनाइयों का सामना किया है।

आज उनकी मेहनत का परिणाम महिला दक्षता समिति शिक्षण संस्थान के रूप में हमारे सामने है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1991 में जरूरतमंद लोगों की सेवा के उद्देश्य से ईश्वर लक्ष्मी अस्पताल की स्थापना की गई तथा संघमित्रा चैरिटेबल क्लीनिक में गरीब और जरूरतमंद लोगों को निशुल्क इलाज और ऑपरेशन की सुविधा प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि जीवन में कठिन परिश्रम करना चाहिए। साथ ही माता-पिता और गुरुजनों का सदैव सम्मान करना चाहिए। आपका भविष्य आपके हाथों में है। असफलताएँ जीवन का स्वाभाविक हिस्सा हैं, किंतु निष्ठा और परिश्रम से निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेडलिस्ट पेड़ों पर नहीं उगते, बल्कि कड़ी मेहनत और लगन से बनते हैं। उन्होंने कॉलेज में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराने में सहयोग देने का आश्वासन दिया।

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छात्राओं को दी गई लगन और मेहनत से पढ़ाई करने की प्रेरणा

सम्माननीय अतिथि मोनीषा वेमावरापु ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि महिलाएँ जीवन में प्रतिदिन संघर्ष करती हैं, इसलिए महिलाओं के लिए केवल एक दिन ही नहीं, बल्कि हर दिन ही महिला दिवस के समान है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वह लगन और मेहनत से पढ़ाई करें, जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और उसी दिशा में निरंतर आगे बढ़ें।

सम्माननीय अतिथि मॉडल कंपनी की निदेशक पद्माक्षी नागराजू ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि मंच पर उपस्थित सभी महिलाएँ प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. सरोज बजाज के नेतृत्व में संस्था अत्यंत सराहनीय कार्य कर रही है। यहाँ छात्राओं के लिए कॉलेज परिसर में ही छात्रावास की सुविधा, स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन, आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी तथा दक्ष और निष्ठावान स्टाफ उपलब्ध है, जो छात्राओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्य अतिथि डॉ. शांता सिन्हा ने कहा कि उन्हें महिला दक्षता समिति शिक्षण संस्थान में आकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने बताया कि डॉ. सरोज बजाज के साथ उनका लगभग 40 वर्षों का संबंध है। वह लंबे समय से स्त्रियों के अधिकार तथा सशक्तिकरण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि आपकी माताएँ यह चाहती हैं कि उन्होंने अपने जीवन में जो कष्ट और संघर्ष सहे, वह उनकी बेटियों को न सहने पड़ें। इसलिए उन्होंने आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए अनेक त्याग किए।

प्रो. शांता सिन्हा ने छात्राओं को इतिहास रचने वाली बताया

महिला दिवस पर हमें ऐसी माताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की अनेक महिलाओं ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और स्त्रा अधिकारों के लिए संघर्ष किया। हमें उनके त्याग और बलिदान को सदैव स्मरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान ने महिलाओं को समानता और मताधिकार जैसे महत्वपूर्ण अधिकार प्रदान किए हैं। संविधान निर्माण समिति में 15 महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी रही। प्रोफेसर शांता सिन्हा ने छात्राओं से कहा कि वह इतिहास की निर्माता हैं।

यदि वह परिश्रम और लगन से पढ़ाई करेंगी, तो आने वाली पीढ़ियाँ उन्हें याद करेंगी। उन्होंने समाज में स्त्रियों के प्रति पुरुषों की मानसिकता में परिवर्तन लाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि स्त्रियों को अपने अधिकारों के लिए जागरूक होना चाहिए। सबसे पहले उन्हें प्रश्न करना सीखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न ही परिवर्तन की पहली सीढ़ी है। अवसर पर महिला दक्षता समिति की उपाध्यक्ष मुन्ना जागेटिया, कार्यकारी सदस्य शकुंतला नावंदर, विमला बद्रुका, के. अनुसूया, प्रेमा सिंघानिया, इंटर एवं डिग्री कॉलेज की प्राचार्या रमा कुमारी, नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या सुशीला पाटिल, शिक्षक तथा शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित थे। इस दौरान निबंध, गीत, नृत्य एवं सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभावान छात्राओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। य्

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