कश्मीरी कैदियों की रिहाई पर राजनीति करना शर्मनाक : हुर्रियत प्रमुख

श्रीनगर, हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने कश्मीर में राजनीतिक और सामाजिक समूहों से कैदियों की रिहाई के लिए मिलकर प्रयास करने की अपील करते हुए सोमवार को कहा कि इस मानवीय मुद्दे पर राजनीति करना शर्मनाक होगा।

मीरवाइज ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘केंद्र शासित प्रदेश और पूरे भारत की जेलों में बंद हजारों कश्मीरी कैदियों की दुर्दशा को उजागर करना और उनकी रिहाई सभी कश्मीरियों की नैतिक जिम्मेदारी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि हम वास्तव में उनकी मदद करना चाहते हैं तो इस संबंध में सभी का संयुक्त प्रयास समय की मांग है।’’

मीरवाइज ने अपील की, ‘‘इस मानवीय मुद्दे पर भी राजनीति करना शर्मनाक होगा। मैं सभी राजनीतिक, सामाजिक समूहों और नागरिक समाज के सदस्यों से एकजुट होने की अपील करता हूं। आइए, हम सब मिलकर कैदियों की रिहाई के लिए प्रयास करें।’’

इससे पहले दिन में, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से आग्रह किया कि वह देशभर की विभिन्न जेलों में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ले जाएं, जहां केंद्र शासित प्रदेश के कैदी बंद हैं, ताकि उनकी दुर्दशा का पता लगाया जा सके।

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मुफ्ती ने मांग की कि अब्दुल्ला को इन कैदियों का मुद्दा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष भी उठाना चाहिए। पीडीपी ने कैदियों की रिहाई या देश भर की विभिन्न जेलों से उन्हें जम्मू-कश्मीर की जेलों में स्थानांतरित करने की मांग को लेकर यहां विरोध मार्च निकाला। (भाषा)

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