मूसी किनारे निर्माण के विरोध पर कविता गिरफ्तार

हैदराबाद, मूसी नदी के किनारे कथित अवैध निर्माण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता को हिरासत में लिया गया। कविता के विरोध प्रदर्शन के बाद अब हैद्रा भी फोकस में आ गया है। हैद्रा का यह स्पष्टिकरण सामने आया है कि यह निर्माण पूर्व की बीआरएस सरकार की देन है।

मूसी किनारे निर्माण के विरोध में के. कविता धरने पर

के. कविता अपने समर्थकों के साथ नरसिंगी में आदित्य कंस्ट्रक्शंस कंपनी द्वारा बनाई जा रही ऊँची इमारतों के पास धरना देने पहुँची थीं। उनका कहना था कि सरकार मूसी नदी किनारे सौंदरीकरण के नाम पर गरीबों को बेदखल कर रही है, जबकि बड़े बिल्डरों पर कार्रवाई नहीं हो रही। कविता ने आरोप लगाया कि आदित्य कंस्ट्रक्शंस मूसी नदी तल से मात्र 30 मीटर की दूरी पर निर्माण कर रहा है। उन्होंने कहा कि नदी तट के पास निर्माण करने वाले चार-पाँच बिल्डरों के खिलाफ हैद्रा आयुक्त ए.वी. रंगनाथ से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

कविता ने मूसी किनारे स्थित मधु पार्क रिज के निवासियों का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा उन्हें बापू घाट पर गांधी स्मारक के लिए घर खाली करने का दबाव डाला जा रहा है, लेकिन आदित्य कंस्ट्रक्शंस के निर्माण पर खामोशी है। कविता ने सीधे पूर्व केसीआर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि परियोजना को मूल अनुमति पिछली बीआरएस सरकार ने दी थी। वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद छह माह तक निर्माण रोक दिया था, लेकिन बाद में चुप्पी साध ली और इसके बाद निर्माण तेज हो गया। उन्होंने हैद्रा आयुक्त से माँग की कि वह स्पष्ट करें कि यह इमारतें फुलटैंक लेवल के अंतर्गत आती हैं या नहीं। न्याय सबके लिए समान होना चाहिए।

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कविता समर्थकों और पुलिस के बीच हल्की झड़प

तेलंगाना जागृति के सदस्य जब निर्माण स्थल परिसर में प्रवेश करने का प्रयास करने लगे, तब पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर नरसिंगी पुलिस स्टेशन पहुँचाया। इस बीच पुलिस और कविता के समर्थकों के बीच हल्की झड़प भी हुई। कविता समेत अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर नरसिंगी पुलिस स्टेशन ले जाया गया। घटना के बाद हैद्रा आयुक्त का बयान आया कि आदित्य कंस्ट्रक्शंस से जुड़े सभी घटनाक्रम हैद्रा के गठन से पहले के हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण की अनुमति बीआरएस शासनकाल में दी गई।

मूसी किनारे निर्माण के विरोध में के. कविता धरने पर

बाद में बिल्डर द्वारा मूसी नदी क्षेत्र में रिटेनिंग वॉल बनाने के कारण अनुमतियाँ रद्द कर दी गईं। उन्होंने बताया कि आदित्य कंस्ट्रक्शंस ने हाईकोर्ट का रुख किया, जिसने सिंचाई और राजस्व अधिकारियों को रिटेनिंग वॉल निर्माण की समीक्षा करने का निर्देश दिया। बाद में अदालत के आदेश पर बिल्डर ने रिटेनिंग वॉल को हटा दिया। रंगनाथ ने कहा कि बिल्डर ने अदालत को सूचित किया था कि वह पीछे हटकर निर्माण करेगा। राजस्व और सिंचाई विभाग की स्वीकृति तथा हाईकोर्ट की अनुमति के बाद ही वहाँ निर्माण कार्य किया जा रहा है।

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