केंद्र सरकार कराये जाँच : फोरेंसिक लैब अग्नि दुर्घटना पर संदेह को लेकर केटीआर ने की माँग
हैदराबाद, भारत राष्ट्र समिति (भारास) कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व मंत्री कल्वाकुंट्ला तारक रामाराव ने फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) अग्नि दुर्घटना के पीछे बड़ा षड़यंत्र रचे जाने का संदेह जताते हुए राज्य सरकार से सेवानिवृत्त जज से पूरे मामले की जाँच कराने, वहीं केंद्र सरकार से भी केंद्रीय जाँच एजेंसी द्वारा उच्च स्तरीय जाँच कराने की मांग की।
केटीआर ने हनमकोंडा जिला केंद्र में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर नोट के बदले वोट मामले के सबूत नष्ट करने के उद्देश्य से षड़यंत्र के तहत अग्नि दुर्गटना को अंजाम देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को क्रिमिनल व चोर की संज्ञा देते हुए कहा कि जब अपराधी ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा हो तो ऐसी घटनाएँ होना आम है।
केटीआर ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायुडू का नाम नहीं लिया और इशारे में कहा कि दिल्ली में केंद्र सरकार को समर्थन देने वाली पार्टी के नेता, जिनका नोट के बदले वोट मामले से संबंध है, के आदेशों पर ही रेवंत रेड्डी ने इस दुर्घटना को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 के दौरान जब रेवंत रेड्डी विधायक थे तब नोट के बदले वोट के तहत विधायक की खरीद फरोख्त के समय 50 लाख रुपये के बैग सहित रंगे हाथों धरे गए। यह सब कैमरों में कैद हुआ था।
यह भी पढ़ें… केसीआर ने दलितों के साथ किया अन्याय : रेवंत
एफएसएल आग में सर्वर रूम जलने पर गंभीर सवाल
केटीआर ने आरोप लगाया कि इसी केस से बचने के लिए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सारा षड़यंत्र रचा है। नोट के बदले नोट केस की सुनवाई न्यायालय में अंतिम चरण में है। इसलिए सबूत मिटाने के लिए षड़यंत्र रचे जाने का संदेह उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा कि एफएसएल में हुई अग्नि दुर्घटना में कम्प्यूटर सर्वर रूम पूरा जलने की जानकारी एफआईआर में की गई है। उन्होंने कहा कि एक सरकार द्वारा अपने ही सरकारी कार्यालय को आग के हवाले करने की घटना देश में कहीं देखी नहीं गई है।
केटीआर ने कहा कि केंद्र के सहारे मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इतने दिन सब मैनेज कर लिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पैरों पर भी गिर गए। अंत में सबूतों को नष्ट करने का डेड्ली स्टेप ले लिया। उन्होंने कहा कि इस लैब के जलने से हजारों मामलों से संबंधित सबूत नष्ट हो गए होंगे। कई अपराधियों, बलात्कारियों को सजा हो सकती थी। अब सबूत नष्ट होने के चलते वे बच जाएंगे।
केटीआर ने संदेह जताया कि छोटे से तीन मंजिला भवन के पहले माले पर हुई अग्नि दुर्घटना पर काबू पाने में साढ़े तीन घंटे का समय लगा। इससे षड़यंत्र को समझा जा सकता है। जहाँ 24 घंटे कर्मचारी मौजूद रहते हैं, वहां कोई नहीं था कहना भी शक पैदा कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह विभाग संभाल रहे मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी का इस घटना के पीछे हाथ है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



