गच्ची बावली सरकारी भूमि खरीदने वालों को केटीआर ने दी चेतावनी
हैदराबाद, नगर के कांचा गच्ची बावली में हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी (एचसीयू) के समीप स्थित 400 एकड़ सरकारी भूमि को लेकर हो रहे आंदोलनों के बीच भारास के कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व मंत्री के. तारक रामाराव ने भूमि खरीदने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि यह सरकार से कोई न खरीदे, क्योंकि अगले 3 साल के बाद भारास का फिर से सत्ता में आना तय है। सत्ता में आने के बाद बीआरएस सरकार द्वारा भूमि वापस ले ली जाएगी।
जो कोई भी भूमि खरीदेगा, वह बाद में यह कहकर बीआरएस को दोष न दे कि बताया नहीं गया। भारास मुख्यालय तेलंगाना भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए केटीआर ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सरकार के फेंके बिस्किटों की आस में यदि गच्ची बावली की वह 400 एकड़ भूमि कोई खरीदेगा, तो भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सत्ता में आते ही भूमि वापस ले ली जाएगी तथा उस पर अमेरीका के मैनहट्टन की भांति सुंदर आधुनिक ईको पार्क का निर्माण किया जाएगा, जो एचसीयू के विद्यार्थियों व नगर की जनता को गिफ्ट होगा।
उन्होंने विद्यार्थियों के किए जा रहे आंदोलन की प्रशंसा करते हुए कहा कि बीआरएस आंदोलन में साथ है। उन्होंने कांग्रेस सरकार से कहा कि अब भी समय है, भूमि बेचने का निर्णय वापस लें। यदि जिद पर सरकार अड़ी रही, तो पर्यावरणविदों, विद्यार्थियों, नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बीआरएस हजारों की संख्या में चलो एचसीयू मार्च निकालेगी। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों से विद्यार्थी आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार चर्चा के लिए आगे क्यों नहीं आ रही।
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विद्यार्थियों की जीत और पर्यावरण संरक्षण पर बीआरएस
उन्होंने कहा कि रियल इस्टेट ब्रोकर और तानाशाह की भांति रोज 18 घंटे काम करने के बजाय मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी एक मनुष्य, पिता, पुत्र की भांति विचार करें। उन्होंने कहा कि आधी रात के समय जेसीबी के साथ पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने से सरकार बाज आए। पूर्व बीआरएस शासन के दौरान केबीआर पार्क के पास एसआरडीपी के तहत फ्लाईओवर निर्माण किए जाने की योजना थी, लेकिन केबीआर पार्क वॉकर्स द्वारा विरोध किए जाने पर तत्कालीन सरकार ने कदम पीछे हटा लिए थे।
उन्होंने कहा कि एचसीयू के समीप स्थित जो 400 एकड़ भूमि है, वह पश्चिम हैदराबाद में एकमात्र लंग्स स्पेस है। उसका भी कांग्रेस सरकार सर्वनाश करने पर तुली है। केटीआर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर कोई हमें सलाह न दे। बीआरएस को चिंता है कि हैदराबाद में दिल्ली की तरह प्रदूषित वातावरण की परिस्थितियाँ निर्मित न हों। इसलिए भूमि संरक्षण पर बीआरएस जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि हाथ में संविधान की प्रति लिए मोहब्बत की दुकान की दुहाई देने वाले राहुल गांधी की दुकान नफरत का नया मकान है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को तेलंगाना में कांग्रेस का अलोकतांत्रिक व असंवैधानिक शासन क्यों नजर नहीं आ रहा। केटीआर ने भूमि पर सरकार के जारी कार्यों पर रोक लगाते हुए उच्चतम न्यायालय के दिए निर्देशों का उल्लेख करते हुए हर्ष व्यक्त कर सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों की विजय है, क्योंकि विद्यार्थियों के निस्वार्थ आंदोलन के कारण ही कोर्ट से अनुकूल निर्णय आया है। उन्होंने भूमि संरक्षण हेतु साथ देने वाले पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, सेलीब्रिटिज, मीडिया व सोशल मीडिया को विद्यार्थियों की ओर से धन्यवाद दिया।
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