तोरूर और जनगाँव नगर पालिका में कांग्रेस के नाम लक्की ड्रॉ
हैदराबाद, भारी हंगामे के बाद स्थगित तोरूर और जनगाँव नगर पालिका में परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव का निर्णय आज लक्की ड्रॉ द्वारा किया गया। इत्तेफ़ाक से दो अध्यक्ष और एक उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस ने कब्ज़ा किया। एक उपाध्यक्ष का पद बीआरएस के नाम रहा। हालाँकि इस पूरे घटनाक्रम में बीआरएस विरोध के मूड़ में है। वह कांग्रेस के खिलाफ शिकायत लेकर राज्य चुनाव आयोग पहुँच गयी है।
कांग्रेस ने तोरूर और जनगाँव में जीत के साथ अपने खाते में दो और नगरपालिकाएँ जोड़ ली हैं, जहाँ कड़े मुकाबले के बाद अध्यक्ष पद का फैसला लक्की ड्रॉ पद्धति से किया गया। इन परिणामों ने क्षेत्र में स्थानीय निकाय राजनीति के संतुलन को बदल दिया है। तोरूर नगरपालिका में अध्यक्ष का चुनाव बराबरी पर समाप्त हुआ, क्योंकि दोनों पक्ष स्पष्ट बढ़त हासिल करने में असफल रहे। अधिकारियों ने लक्की ड्रॉ आयोजित किया, जिसमें कांग्रेस उम्मीदवार तुनाम श्रवण सफल रहे। उन्हें अध्यक्ष घोषित किया गया। उपाध्यक्ष पद भी इसी प्रक्रिया के माध्यम से कांग्रेस उम्मीदवार सोमा राजिनी को मिला।
इसी प्रकार की स्थिति जनगाँव नगरपालिका में भी देखने को मिली, जहाँ अध्यक्ष चुनाव के दौरान कांग्रेस और बीआरएस उम्मीदवारों को समान मत प्राप्त हुए। कोई स्पष्ट विजेता न होने पर अधिकारियों ने ड्रॉ का सहारा लिया और कांग्रेस प्रत्याशी कडकांची बलमणि को अध्यक्ष के रूप में चुना गया। जनगाँव में उपाध्यक्ष पद बीआरएस उम्मीदवार पर्वतालु ने जीता।
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नगरपालिका पर अवैध कब्ज़ा : बीआरएस
बीआरएस संसदीय दल के उपनेता एवं राज्यसभा सदस्य वड्डिराजू रविचंद्र ने आरोप लगाया कि तोरूर नगर की जनता के फैसले के विपरीत कांग्रेस अवैध तरीकों से नगरपालिका पर कब्जा करने का प्रयास कर रही है। वड्डिराजू आज तोरूर में पूर्व मंत्री एर्राबेल्ली दयाकर राव के साथ संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दयाकर राव ने इस चुनाव में कड़ी मेहनत की। गरपालिका में 9 पार्षदों को जिताने के बावजूद नगर की जनता की इच्छा और फैसले को सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं ने बिल्कुल महत्व नहीं दिया और साजिशों और कुतंत्र के जरिए काउंसिल पर कब्जा किया।
सांसद ने आरोप लगाया कि पर्याप्त संख्या बल न होने के बावजूद किसी भी तरह तोरूर म्युनिसिपल काउंसिल को हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने साजिश रची और सोमवार को पुलिस के माध्यम से युद्ध जैसा माहौल पैदा कर चुनाव को स्थगित करवाया। उन्होंने कहा कि लोकसभा सदस्य कड़ियम काव्या का ग्रेटर वरंगल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में पदेन सदस्य के रूप में जारी रहते हुए नियमों की अनदेखी कर तोरूर में पुनः पंजीकरण कराना खेदजनक है।
बीआरएस ने की चुनाव आयोग से शिकायत
बीआरएस ने तेलंगाना राज्य चुनाव आयोग को एक ज्ञापन सौंपते हुए विभिन्न भागों में नगरपालिका चुनावी कार्यवाहियों के दौरान तथा उसके पश्चात चुनावी कदाचार, धमकी, हिंसा और कथित रूप से पुलिस तंत्र के दुरुपयोग से संबंधित गंभीर आरोप लगाते हुए आयोग से त्वरित हस्तक्षेप की माँग की।
ज्ञापन में कहा गया कि जनगाँव नगरपालिका अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया के दौरान एक निर्दलीय महिला पार्षद ने मतदान प्रक्रिया में हाथ उठाकर बीआरएस पार्टी के पक्ष में समर्थन व्यक्त किया, लेकिन कांग्रेस पार्षदों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। घटना के पश्चात बीआरएस विधायक पल्ला राजेश्वर रेड्डी ने पार्षदों के साथ निर्वाचन अधिकारी के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर कार्रवाई की माँग की, लेकिन तत्काल कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गयी। ज्ञापन में तोरूर और इब्राहिमपट्टनम में पुलिस द्वारा बीआरएस पार्टी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज का आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने की माँग की गयी।
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