शीघ्र सार्वजनिक करें कालेश्वरम आयोग की रिपोर्ट : ईटेला

हैदराबाद, भाजपा सांसद ईटेला राजेंदर ने राज्य सरकार से जल्द ही कालेश्वरम आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक कर असली दोषियों को जनता के सामने पेश करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आयोग की रिपोर्ट का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया गया तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने साफ किया कि असली दोषियों को सजा नहीं मिलेगी, तो सरकार को सजा मिलेगी। उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि केसीआर ने सैकड़ों बार कहा है कि वे कालेश्वरम के निर्माता हैं।

केसीआर ने खुद इस पर निर्णय लिया था। केसीआर ने इसे कैबिनेट से मंजूरी दिलाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्त विभाग का इससे कोई लेना-देना नहीं है। ईटेला राजेंदर आज कालेश्वरम आयोग के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हुए। आयोग ने केसीआर के शासनकाल में वित्त मंत्री के रूप में ईटेला की सेवा के आधार पर उनसे सवाल किए। तत्पश्चात ईटेला ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कालेश्वरम परियोजना की सारी जानकारी केसीआर और हरीश राव के पास ही होगी। उन्होंने कहा कि इसमें वित्त विभाग की भूमिका ज्यादा नहीं है। विभाग को सब कुछ पता नहीं होता।

कलेश्वरम परियोजना में मेरी कोई भूमिका नहीं है। केसीआर ने परियोजना के नए स्वरूप के लिए एक कैबिनेट उप-समिति बनाई थी। तत्कालीन सिंचाई मंत्री हरीश राव इसके अध्यक्ष थे। बांधों का निर्माण तकनीकी विशेषज्ञों का मामला है। उस निर्माण के बारे में राजनेताओं को क्या पता? कलेश्वरम परियोजना शुरू में 63 हजार करोड़ की प्रस्तावित थी। बाद में विभिन्न कारणों से परियोजना की लागत बढ़कर 82 हजार करोड़ रुपये हो गई। उन्होंने कहा, आज आयोग ने वित्तीय मुद्दों पर सवाल पूछे। आयोग ने पूछा कि क्या वित्त विभाग कलेश्वरम निगम के ऋणों में शामिल था।

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सिंचाई विभाग पर जिम्मेदारी, रिपोर्ट हो सार्वजनिक

उन्होंने कहा कि वित्त विभाग का इससे कोई लेना-देना नहीं है। यह पूरी तरह से सिंचाई विभाग से संबंधित है। इस मौके पर ईटेला ने कहा, भले ही मेरे सिर पर बंदूक तान दी जाए.. मैं सच बोलूंगा। राज्य की जनता गलत लोगों को बेनकाब करेगी। कांग्रेस सरकार को सभी रिपोर्टों का खुलासा करना चाहिए। राजनीतिक लाभ के लिए कलेश्वरम मुद्दे का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

परियोजना के नुकसान के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि चाहे वे किसी भी पार्टी से हों या किसी भी पद पर हों, वे नैतिक मूल्यों का पालन करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईटेला ने कलेश्वरम आयोग को बताया कि बांधों का निर्माण केवल कैबिनेट के निर्णय के आधार पर किया गया था। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल का निर्णय तकनीकी समिति और मंत्रिमंडल उप-समिति की सिफारिश पर लिया गया था। आयोग ने पूछा कि क्या बैराज के निर्माण में वित्तीय अनुशासन की कमी थी। ईटेला ने जवाब दिया कि निर्माण के सभी पहलू सिंचाई विभाग के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

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