एक तिथि दो व्रत कुंभ संक्रांति और एकादशी

विक्रम पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 12 फरवरी, गुरुवार की दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से शुरु हो रही है, जो 13 फरवरी, शुक्रवार की दोपहर 2 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी, शुक्रवार को रखा जाएगा।
पारण का मुहूर्त
14 फरवरी, शनिवार की सुबह 7 बजकर 7 मिनट से सुबह 9 बजकर 26 मिनट तक।
कुंभ संक्रांति तिथि और मुहूर्त
विक्रम पंचांग के अनुसार, इस साल सूर्यदेव 13 फरवरी, शुक्रवार की सुबह 4 बजकर 14 मिनट पर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जो 14 मार्च तक इसी राशि में विद्यमान रहेंगे।
संक्रांति पुण्य काल
13 फरवरी, शुक्रवार की सुबह 7 बजकर 1 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक।
महा पुण्य काल
13 फरवरी, शुक्रवार की सुबह 7 बजकर 1 मिनट से सुबह 8 बजकर 53 मिनट तक। साधक महा पुण्य काल में स्नान करके सूर्यदेव की पूजा कर सकते हैं।
शुभ योग
इस वर्ष विजया एकादशी तिथि को कुंभ संक्रांति, सौभाग्य और शिववास योग का निर्माण हो रहा है। मूल और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का संयोग है। इन योग में लक्ष्मी नारायण की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी।
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