जनता के द्वार रेवंत सरकार – कल्याण योजनाओं के प्रचार के लिए चलेगा अभियान
हैदराबाद, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर सीधे जनता से जुड़ने की योजना बना रहे हैं। सरकारी सूत्रों की मानें तो 2 जून को तेलंगाना स्थापना दिवस से पहले सरकार राज्य भर में जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुँचाने के लिए बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। सूत्रों के अनुसार, तेलंगाना सरकार 3 मार्च से 2 जून तक तीन माह का व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू करने की तैयारी में हैं। इस अभियान का उद्देश्य कांग्रेस सरकार द्वारा लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों को जनता तक पहुँचाना है।
बताया जाता है कि सोमवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में कल्याणकारी योजनाओं को लेकर जन-जन से जुड़ने का निर्णय लिया गया है। अभियान के तहत 3 मार्च से प्रतिदिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विभिन्न विभागों की उपलब्धियों को उजागर किया जाएगा और आम जनता से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे प्रत्येक विभाग द्वारा किए गए विकास कार्यों तथा कल्याणकारी योजनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें। कार्यक्रमों का फोकस जमीनी स्तर पर जनता की शिकायतों के समाधान पर रहेगा।
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जेडपीटीसी-एमपीटीसी चुनाव पर कैबिनेट उप-समिति का गठन
सरकार की योजना को अंतिम रूप देने के लिए मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी, श्रीधर बाबू और पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी को शामिल करते हुए कैबिनेट उप-समिति गठित की गई है। यह समिति विभागीय रिपोर्टों का अध्ययन कर अगले मंत्रिमंडल बैठक में अपने सुझाव प्रस्तुत करेगी। सूत्र यह भी बताते हैं कि सरकार फिलहाल जेडपीटीसी और एमपीटीसी चुनाव तुरंत कराने के पक्ष में नहीं है, क्योंकि वर्तमान में विभिन्न परीक्षाएं अप्रैल के पहले सप्ताह तक जारी रहेंगी।
एक अन्य महत्वपूर्ण कारण स्थानीय निकायों में पिछड़ा वर्ग के लिए प्रस्तावित 42 प्रतिशत आरक्षण है, जो अभी केंद्र सरकार के पास लंबित है और इस पर हाईकोर्ट में भी एक मामला विचाराधीन है। मुख्यमंत्री का मानना है कि इस विषय पर केंद्र सरकार या अदालत से स्पष्टता आने तक इंतजार करना उचित होगा। सरकार ने दिसंबर में ग्राम पंचायत चुनाव तथा नगर पालिका चुनाव कराए थे, लेकिन उनमें बढ़े हुए बीसी आरक्षण को लागू नहीं किया गया था। रेवंत रेड्डी कथित तौर पर इस पक्ष में हैं कि मंडल और जिला परिषद चुनाव तभी कराए जाएं, जब प्रस्तावित 42 प्रतिशत बीसी आरक्षण लागू हो जाए, जो कांग्रेस पार्टी की पिछड़ा वर्ग समुदायों से की गई प्रतिबद्धता के अनुरूप है।
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