प्रगति में बाधक तत्वों से बैंक को बचाएँ : रमेश कुमार बंग
हैदराबाद, संस्थापक पैनल द्वारा तेरापंथ भवन, सिकंदराबाद में आयोजित चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए महेश बैंक के चेयरमैन रमेश कुमार बंग ने कहा कि बैंक के इतिहास में पहली बार इतनी युवा टीम वित्तीय संस्थान की सेवा के लिए आगे आयी है। व्यक्तित्व से साधारण दिखने वाली टीम के हर सदस्य में समाज, संस्थागत संगठन के प्रति निष्काम सेवा भाव असाधारण है। किसी भी संगठन के विकास का मूल आधार होता है उसके नेतृत्व के लिये चयनित सदस्यों में एकता, परस्पर विश्वास एवं सहयोग का भाव रहे और वह मैं की जगह हम की भाषा में सोचे और बोले।



















चेयरमैन रमेश कुमार बंग ने कहा कि वर्ष 2020 के चुनाव परिणाम के आने के बाद पहली मीटिंग में मैंने इसी सोच के साथ प्रवेश किया, परन्तु विपक्ष के निर्वाचित सदस्यों ने इसमें ही असहयोग का अविश्वसनीय रुख अपनाया। परस्पर अविश्वास, असहयोग और बैंक के सुगम कार्य संचालन में बाधक सदस्यों के नकारात्मक व्यवहार का भारतीय रिजर्व बैंक ने वार्षिक रिपोर्ट में भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि महेश बैंक के विगत 5 साल के कार्यकाल ने बैंक की साख को न केवल कमजोर किया, बल्कि व्यापार को भी घटाया है। एक बड़ी सीमा तक इसके विकास की राह में रोड़े भी पैदा किये।
धनबल पर आधारित राजनीतिक सुख से धार्मिकता का चोला पहने लोग अस्थिरता जरूर पैदा कर सकते हैं, परन्तु उनका व्यवहार जागरुक और विचारवान मतदाता को भ्रमित नहीं कर पाता। क्या यहाँ उपस्थित शेयर होल्डर्स में से कोइ बता सकता है कि तथाकथित रूप से गठित शेयर होल्डर्स वेल्फेयर असोसिएशन के कितने सदस्य हैं, इसकी आय का साधन क्या है? हाईकोर्ट में असोसिएशन की ओर से दाखिल केसों की सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से पैरवी के लिए लाखों रुपये की फीस कहाँ से अदा की जा रही है?
बैंक को नकारात्मक तत्वों और भ्रम फैलाने वालों से बचाने की अपील
इस सबके पीछे कौनसी शक्तियाँ और कारण हैं, उन सभी को आप भलिभाँति जानते हैं। आपसे एक प्रश्न पूछना चाहूँगा कि बैंक के उत्तरोत्तर विकास के प्रति दुर्भावना रख कर, अनर्गल झूठे आरोपों से भरे भाषणों से क्या बैंक की खोई हुई प्रतिष्ठा हासिल होगी। कुछ लोग बैंक में हुई साइबर ठगी के लिये डायरेक्टरों के उत्तरदायित्व का गीत गाते हैं, बैंक पर एडमिनिस्ट्रेशन सम्बन्धित कमियों पर लगाये गये जुर्माने का बखान करते हैं, इस पर बताना जरूरी समझता हूँ कि इससे पहले राष्ट्रीय स्तर की सहकारिता क्षेत्र की एक बैंक को भी साइबर हैकिंग से लगभग 90 करोड़ की हानि हुई थी।
साइबर अपराधियों के कारण देश के सुरक्षा तंत्र की वेबसाइटों को भी खतरे से गुजरना पड़ा। हजारों करोड़ का व्यापार करने वाली बैंकों पर तो ऐसी चूकों पर करोंड़ों के जुर्माने लगे हैं। महेश बैंक में हुई साइबर ठगी और लगे जुर्माने के लिये सफाई नहीं दे रहा हूँ, अपितु स्पष्ट कर रहा हूँ कि बैंक प्रबन्धन ने साइबर सुरक्षा और प्रबन्धन को मजबूती देने में कभी कोई कोताही नहीं की। उन्होंने विनम्र निवेदन किया कि तथ्यहीन अनर्गल झूठे आरोप लगाकर बैंक की प्रतिष्ठा और प्रगति में बाधक ऐसे तत्वों से महेश बैंक को बचाना है।
लोया ने किया ईमानदारी और निष्ठा से दायित्व निभाने वादा
बैंक को विकास के शिखर तक पहुँचाने के संकल्प से पैनल के 14 प्रत्याशियों की टीम समर्पण और लगन के साथ ग्राहकों और शेयर होल्डरों के हितों की रक्षा के लिये हर संभव कोशिश करेगी। साथ ही विकास और उपलब्धियों के नये कीर्तिमान बनायेगी। आपके विश्वास के कारण संस्थापक पैनल के निर्वाचित डायरेक्टरों ने सदैव पूरी निष्ठा के साथ बैंक की प्रगति के लिये एकजुट होकर अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास किये। महेश बैंक की प्रगति का मूल आधार संस्थापक पैनल को आपका आपके परिचितों का साथ, समर्थन और मार्गदर्शन है। उन्होंने सभी से पैनल के सभी 14 प्रत्याशियों को प्रचण्ड बहुमत से विजयी बनाने का आग्रह किया।
मनोज लोया ने कहा कि जिस प्रकार उन पर भरोसा कर उन्हें निदेशक पद का प्रत्याशी बनाया गया है, वह पूरी ईमानदारी से इसकी गरिमा को बनाए रखेंगे। विपक्ष ने जो माहौल बनाया है, उसके कारण आज समाज में गंदगी फैल रही है, उससे उनक मन व्यथित है। ऐसी मानसिकता वाले क्या महेश बैंक को तरक्की की राह पर रखेंगे, जो व्यक्तिगत दुश्मनी के लिए बैंक को भी नहीं बक्श रहे। उन्होंने संस्थापक पैनल की ओर से बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के लिये होने वाले चुनाव खड़े अपने-अपने व्यवसाय में सुप्रतिष्ठित प्रत्याशियों का परिचय दिया।
बद्रीविशाल मूंदड़ा ने कहा कि वर्ष 2020 के चुनाव में जीतने वाला बोर्ड पावरलेस नहीं, बल्कि सक्षम बोर्ड था, लेकिन धन बल की वजह से पावरलेस किया गया। यह गलती वोटर दुबारा न करें। पिछला नुकसान बैंक को हुआ। अंशधारक दिमाग में रिश्तेदारी न रखें। यह बैंक का चुनाव है, इसलिए एक ही पैनल को बहुमत दें। संस्थापक पैनल में युवा चेहरे व सक्षम लोग हैं। बैंक की प्रगति को ध्यान में रखते हुए संस्थापक पैनल को जिताएँ।
रामप्रकाश भंडारी ने डिजिटल आरोपों को खोखला करार दिया
रामकिशोर मोदानी ने कहा कि विपक्षी पढ़े-लिखे हैं। हर मीटिंग में कार्य बैलेंस शीट आती है। कोई प्रश्न है, तो आम सभा में पूछें। वर्ष 2020 से व्यापार को नुकसान पहुँचाने का विपक्ष ने कार्य किया। वह कहते हैं कि 300 करोड़ का घोटाला है, तो क्या इस तरह बैंक रह पाता। आरोप निराधार हैं, इसलिए संस्थापक पैनल के 14 प्रत्याशियों को ही जिताएँ।
रामप्रकाश भंडारी ने कहा कि बहुत बाते हो चुकी हैं। बैंक का चुनाव नजदीक है। आरोप-प्रत्यारोप चालू हैं, डिजिटल के माध्यम से बहुत ज्यादा चल रहे हैं। हम व्यापारी समाज के हैं। बैंक में यदि घोटाला होता, तो आरबीआई चुप रहती क्या। इन सबके बावजूद सभी को रमेश भाई की टीम पर भरोसा है। आरोप खोखले और बेबुनियाद हैं।
प्रत्याशी गोविन्द नारायण राठी ने कहा कि सिकंदराबाद के निवासियों का आभार है, जिन्होंने पिछली बार भी जिताया, लेकिन पाँच कम पड़ गये। इस बार सिकंदराबाद निवासी गलती न करें, पैनल के पूरे 14 प्रत्याशियों को भारी बहुमत से जिताएँ।हरिनारायण राठी ने कहा कि हम कुछ लोग वहाँ से यहाँ आये, इसकी वजह से वह तनाव में थे। इसलिए कई आरोप संस्थापक पैनल पर लगाये। यहाँ तक कहा कि वहाँ से संस्थापक पैनल में जाने वाले भी कहीं इस घोटाले की बंदरबाट में शामिल हो रहे हैं।
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मुरलीमनोहर पलोड़ ने बैलेट और वोटिंग प्रक्रिया समझाई
ऐसे शब्दों का प्रयोग करना कहाँ तक उचित है। ऐसी बातें करना शोभा नहीं देता। जो शेयर होल्डर का संघ बना, उसमें भी 13 नॉमिनेट सदस्य हैं। उन्होंने संघ बनाने से पहले 35,000 शेयर होल्डर की अनुमति ली क्या। उनकी कोई मीटिंग हुई, यह प्रश्न है। इसलिए उनकी साजिश को समझकर निर्णय लें।
चेयरमैन प्रत्याशी मुरलीमनोहर पलोड़ ने कहा कि इस बार चुनाव प्रक्रिया कुछ अलग है। बैलेट पेपर में सामान्य वर्ग में 12 प्रत्याशी हैं और महिला वर्ग में दो का चयन करना है। इसलिए सोच समझकर वोट करें, ताकि आपका कीमती वोट खराब न हो।
हेमलता शर्मा ने कहा कि संस्थापक पैनल को जिस तरह बदनाम किया जा रहा है, उससे बचते हुए पैनल को जिताएँ।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए सीए कन्हैयालाल राठी ने कहा कि जो खुला मंच रखा गया, वह विपक्ष की चाल है। इसलिए इसमें संस्थापक पैनल ने भाग नहीं लिया। उन्होंने सभी का आभार प्रकट किया। अवसर पर अमित लड्डा (गग्गु), दीपक कुमार बंग, देवेन्द्र झँवर, कैलाश मंत्री, मुकुन्दलाल बाहेती, पवन कुमार लोहिया, रूपेश सोनी, श्याम सुन्दर बाहेती, विनोद कुमार बंग, अल्का झंवर, कविता तोष्णीवाल व अन्य उपस्थित थे।
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