सीता नवमी अखंड सौभाग्य की कामना का पर्व
तिथि मुहूर्त
विक्रम पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि कल शाम 7 बजकर 21 मिनट से शुरू हो चुकी है, जो आज शाम 6 बजकर 27 मिनट पर खत्म हो रही है। उदया तिथि के आधार पर सीता जन्मोत्सव आज मनाया जा रहा है।
सीता नवमी को सीता जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता जी का जन्म हुआ था। इस वजह से इस तिथि को हर साल सीता नवमी मनाते हैं। इस दिन व्रत रखकर सीता जन्मोत्सव मनाते हैं। इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना से व्रत और पूजा करती हैं।
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महत्व
जनक जी हल से खेत जोत रहे थे, तभी हल का फाल एक कलश से टकराया, तो उसे निकाला गया। उसमें से सीता जी प्रकट हुईं, जिनका पालन-पोषण राजा जनक ने किया। सीता नवमी को सादगी, पवित्रता, त्याग, धैर्य और नारी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन के लिए माता सीता और प्रभु राम की पूजा करती हैं। सीता जी माता लक्ष्मी की अवतार थीं, इसलिए सीता नवमी पर धन, सुख, समृद्धि की प्राप्ति के उपाय किए जाते हैं।
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