पुनर्वास तथा समावेशी स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने हेतु सेंट मेरी रिहैबिलिटेशन यूनिवर्सिटी स्थापित

हैदराबाद, पुनर्वास और समावेशी स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से तेलंगाना में सेंट मेरी रिहैबिलिटेशन यूनिवर्सिटी (एसएमआरयू) की औपचारिक स्थापना की गई है। तेलंगाना राज्य निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत पोचमपल्ली मंडल में स्थित इस संस्थान को पूर्णत एकीकृत पुनर्वास विश्वविद्यालय के रूप में परिकल्पित, एसएमआरयू को पुनर्वास शिक्षा, नैदानिक सेवाओं, अनुसंधान और कार्यबल विकास में मौजूद महत्वपूर्ण कमियों को दूर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एसएमआरयू का उद्देश्य अगले दशक में 30,000 से अधिक पेशेवरों को प्रशिक्षित करना तथा 15 लाख से अधिक व्यक्तियों को सेवाएँ प्रदान करना है। एसएमआरयू अपने पाठ्यक्रम में एआई-सक्षम निदान उपकरण, रोबोटिक्स-सहायता प्राप्त पुनर्वास, सहायक उपकरण डिजाइन और स्वास्थ्य सूचना प्रणाली जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को एकीकृत करेगा। इसके अलावा यह अंतविषयक संरचना पुनर्वास को एक पूरक स्वास्थ्य सेवा से ऊपर उठाकर संबद्ध स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र में रणनीतिक स्तंभ के रूप में स्थापित करने में सहयोग देगी। साथ ही इसका उद्देश्य अनुसंधान उत्पादन, पेटेंट और सहायक प्रौद्योगिकी नवाचारों को बढ़ावा देना भी है।

यह भी पढ़ें… तेलंगाना के नागरिकों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम

पुनर्वास सेवाओं की बढ़ रही है लगातार मांग

जानकारी देते हुए बताया गया कि देश में 21 प्रकार की विकलांगताओं को कानूनी मान्यता प्राप्त है। तंत्रिका विकास संबंधी स्थितियों, मानसिक स्वास्थ्य विकारों, दुर्लभ बीमारियों, उम्र से संबंधित अक्षमताओं और आघात से उबरने के कारण पुनर्वास सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद यहां पुनर्वास सेवाएं अपर्याप्त हैं। एसएमआरयू की परिकल्पना राष्ट्रीय क्षमता की इस कमी के संरचनात्मक और व्यवस्थित समाधान के रूप में की गई है।

एक स्वतंत्र शैक्षणिक संस्थान के रूप में कार्य करने के बजाय यह विश्वविद्यालय कक्षा शिक्षण, व्यावहारिक नैदानिक अनुभव, ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं, सहायक प्रौद्योगिकी नवाचार और मानव संसाधन विकास को एक एकीकृत प्रणाली में समाहित करेगा। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवा वितरण, शिक्षा और तकनीकी प्रगति को एकीकृत करके, एसएमआरयू तेलंगाना को पुनर्वास विज्ञान और समावेशी स्वास्थ्य सेवा नवाचार के लिए एक उभरते राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी सहयोग प्रदान करेगा।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button