त्रिवेणी संगीत कार्यक्रम के साथ मनायी जाएगी सुरमंडल की वर्षगाँठ

हैदराबाद, हैदराबाद की प्रतिष्ठित सांस्कृतिक और संगीत प्रेमी संस्था सुरमंडल 56वीं वर्षगाँठ रवींद्र भारती में सुरों और रंगों से भरी शाम के साथ मनाएगी। यह संगीत संध्या आगामी 4 जनवरी को 7 बजे से आयोजित की जाएगी। संवाददाताओं से बातचीत करते हुए सुरमंडल के अध्यक्ष सिद्धार्थ हेम्मडी ने बताया कि सुरमंडल की 56वीं वर्षगांठ पर कैनरा बैंक और परिनिष्ठा ईको सोल्यूशंस के सहयोग से वार्षिक संगीत महोत्सव त्रिवेणी का आयोजन किया जाएगा। सुरमंडल के वार्षिक संगीत महोत्सव त्रिवेणी की परिकल्पना संस्था के संस्थापक अध्यक्ष मोहन हेम्माडी ने की थी।

वह हैदराबाद ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया में भारतीय शास्त्राय संगीत प्रमुख ध्वजवाहक थे। त्रिवेणी भारतीय शास्त्राय संगीत के महान स्तंभों भारत रत्न पंडित रवि शंकर, भारत रत्न पंडित भीमसेन जोशी तथा एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए शुरू किया गया कार्यक्रम है। यह भारतीय संस्कृति के संवर्धन के लिए अनुराधा हेम्माडी और मोहन हेम्माडी के समर्पित एवं निस्वार्थ योगदान को नमन करता है।

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चित्रकार सचिन जलतारे मंच पर चित्रकला का सृजन करेंगे

सिद्धार्थ ने बताया कि कार्यक्रम में शास्त्राय गायिका कौशिकी चक्रवर्ती की मोहक प्रस्तुति होगी। उनके साथ तबले पर यशवंत वैष्णव, सारंगी पर मुराद अली और हारमोनियम पर तनय देवचाके संगत करेंगे। उन्होंने बताया कि सुरमंडल अन्य शहरों में विस्तार की योजना बना रहा है। यह सूफी, कव्वाली, ग़ज़ल जैसी अन्य संगीत विधाओं में प्रवेश करने की योजना रखता है।अवसर पर एक विशेष और अर्थपूर्ण परियोजना को भी सहयोग दिया जाएगा। कौशिकी की प्रस्तुति के दौरान हैदराबाद के प्रसिद्ध चित्रकार सचिन जलतारे मंच पर चित्रकला का सृजन करेंगे।

कलाकृतियाँ स्पर्श हॉस्पिस के समर्थन हेतु समर्पित की जाएँगी। स्पर्श हॉस्पिस अंतिम अवस्था के कैंसर रोगियों के लिए एक केंद्र है, जहाँ जीवन के अंतिम चरण में रोगियों को निशुल्क सेवा प्रदान की जाती है। यह पहल रोटरी क्लब ऑफ बंजारा हिल्स के सहयोग से संचालित है। सिद्धार्थ ने बताया कि बीते 56 वर्षों की संगीतमय उत्कृष्टता और भारतीय शास्त्राय संगीत की जीवित विरासत के रूप में सुरमंडल ने हैदराबाद को शास्त्राय संगीत की राजधानी में बदल दिया।

सुरमंडल ने भारतीय शास्त्राय संगीत को सभागारों की सीमाओं से बाहर पहुँचाया और शहर की कई सड़कों के नाम महान संगीतकारों उस्ताद बड़े गुलाम अली खान, उस्ताद बिस्मिल्लाह खान और पंडित भीमसेन जोशी के नाम पर रखवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि बंजारा हिल्स, रोड नंबर 14 पर मोहन हेम्मडी रहते थे, इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार से माँग की गयी कि इसका नाम उनके नाम पर रखा जाए। 4 जनवरी के कार्यक्रम के प्रवेश पत्र बुकमाई शो पर उपलब्ध होंगे।

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