तरह-तरह के होते हैं बंदर
प्यारे बच्चों, इधर से उधर छलांग लगाते बंदरों को तो आपने देखा ही होगा। ये घरों में भी कई बार कपड़े वगैरह उठा कर ले जाते हैं और घुड़की दे कर डराते भी हैं मगर इन बंदरों के अलावा और भी बहुत से अनोखे बंदर होते हैं। चलिए, आज यहां आपको तरह-तरह के बंदरों के बारे में बताते हैं-
गिलहरी बंदर: गिलहरी बंदर यानी सेमिरी स्कयूरियस बंदर जाति का सबसे छोटा बंदर है। देखने में यह बहुत खूबसूरत होता है। इसका चेहरा बड़ा आकर्षक होता है। आंखें सफेद रंग की गोल होती हैं जबकि उसका सारा शरीर गहरे रंग का होता है। कद में यह गिलहरी के बराबर होता है।

हरकतें भी गिलहरी जैसी ही करता है। इसकी पूंछ तो लंबी होती है मगर उसमें किसी चीज को पकड़ने की ताकत नहीं होती। हां, दौड़ते-दौड़ते अचानक रूक कर गिलहरी की तरह यह भी अपनी पूंछ तेजी से हिला देता है। यह आमतौर पर नदी के किनारे रहता है जहां कीड़े, मेढक, छोटी-छोटी चिडियों आदि का शिकार करता है। यह फलों को भी बड़े चाव से खाता है। सबसे अजीब बात तो यह है कि जब यह दुखी होता है तो छोटे बच्चों की तरह फफक-फफक कर रोने लगता है। भयभीत होने पर या सताए जाने पर इसकी आंखों से आंसू बहने लगते हैं।
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गाने वाला बंदर: इस बंदर का नाम एलोयूट्टा है। छोटी-छोटी चिडियों की तरह ही यह भी बड़ी सुरीली आवाज में गाता है। कई बार तो इसकी मीठी आवाज से पूरा इलाका गूंज जाता है। जब इनकी दो टोलियां आमने-सामने होती हैं तो सभी नर बंदर एक-दूसरे से गाना गाकर बात करते हैं। कई बार तो उनकी गायन प्रतियोगिता घंटों चलती रहती है।

मकड़ी बंदर: ये बंदर एटलेस जाति में आते हैं। ये शरीर से बड़े ही दुबले-पतले होते हैं। अपनी इसी विशेषता के कारण ये मकड़ी बंदर कहलाते हैं। इनकी बांहें और पैर पतले और लंबे होते हैं। साथ ही उनका अंगूठा नहीं होता बल्कि उसकी जगह एक गांठ होती है। सबसे अनोखी तो इनकी पूंछ होती है। इनकी लंबी पूंछ में किसी भी चीज को पकड़ने की अद्भुत शक्ति है। असल में इनकी पूंछ एक तरह से इनका तीसरा हाथ है। पूंछ के सहारे ही ये पेड़ की शाखा पर उल्टे लटके रहते हैं और छलांग लगाने के लिए झूलते हैं।

घर का नौकर बंदर: यह सीबस बंदर कहलाता है। इसका घर दक्षिणी अमेरिका की पहाडियां हैं। यह बड़ी तेज बुद्धि और सीधे स्वभाव का होता है। पालतू बनाने पर यह बड़ी जल्दी घर वालों से घुल-मिल जाता है। बच्चों से यह बेहद प्यार करता है।बादाम इसका प्रिय फल है जिसे यह हमेशा पत्थर से तोड़ कर खाता है। कुछ लोग तो इसे बादाम तुड़वाकर गिरी निकालने के काम के लिए ही पालते हैं। इसके अलावा यह झाड़ू भी लगा देता है। यही नहीं और भी बहुत से घरेलू काम कर देता है। इसीलिए इसे घर का नौकर भी कहते हैं।
-नरेंद्र देवांगन
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