‘मिलाप’ ही मार्ग : सेवावीर डॉ. गायत्री पालाट को युद्धवीर पुरस्कार प्रदत्त

हैदराबाद, राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि आज समाज एक कठिन समय से गुज़र रहा है। संवेदनहीन होते समाज को सही दिशा देने तथा समाज में संवेदनशीलता स्थापित करने के लिए मिलाप ज़रूरी है। ऐसा इसलिए कि मेल मिलाप की भावना ही एक दूसरे की पीड़ा को महसूस करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेगी और समाज में मानवीय मूल्यों की रक्षा की जा सकेगी।

राज्यपाल ने गुरुवार को लकड़ी का पुल स्थित एफटीसीसीआई के सभागार में डॉ. गायत्री पालाट को पैलिएटिव केयर के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान, दूरदर्शी नेतृत्व एवं जन पीड़ा को कम करने के प्रति उनके गहन मानवीय प्रयासों के लिए तैंतीसवें युद्धवीर स्मारक अवार्ड से सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि युद्धवीर फाउंडेशन का पुरस्कार सेवा, संवेदना, उत्कृष्टता और मानवीय मूल्यों का प्रतीक है।

समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वालों का सम्मान

यहाँ समाज के उन व्यक्तियों को पुरस्कृत किया जाता है, जिन्होंने समाज में आशा, करुणा तथा सकारात्मक परिवर्तनों द्वारा मानवता को नई दिशा दी है। फाउण्डेशन ने विभिन्न क्षेत्रों में योगदान करने वाली विभूतियों को पहचानने और सम्मानित करने की प्रेरणादायी परंपरा से सामाजिक समरसता का संदेश दिया है।

राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी युद्धवीर जी निर्भीक पत्रकार एवं समाजसेवी, मानवीय मूल्यों के सजग प्रहरी, सामाजिक समरसता के समर्थक एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित व्यक्तित्व थे। उन्होंने समाज के कमज़ोर तथा वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्य किया और विभाजन के कठिन और पीड़ादायक दौर में भी उन्होंने मानवता, करुणा और सद्भाव का जो परिचय दिया, वह सब के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में हिंदी पत्रकारिता का इतिहास हिन्दी मिलाप और युद्धवीर जी के बिना अधूरा है।

हिन्दी मिलाप अपने 75 वर्ष पूरे कर रहा है और ऐतिहासिक रूप से यह क्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि हाल ही में देश की आज़ादी को भी 75 वर्ष पूरे चुके हैं। यह एक अनोखा मिलाप है। युद्धवीर जी की स्मृति में स्थापित यह फाउण्डेशन समाज के विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान करने वालों को सम्मानित कर उनके आदर्शों को जीवित रखे हुए है। यह परंपरा समाज को अधिक संवेदनशील, समावेशी और प्रगतिशील बनाती है। उन्होंने कहा कि आज के संवेदनहीन होते समाज में संवेदना का संचार करने के लिए मीडिया की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।

मानवता के लिए उनके कार्यों की सराहना

राज्यपाल ने डॉ. गायत्री पालाट को सम्मान मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने मानवता के लिए सराहनीय कार्य किया है। पुरस्कार से पुरस्कार पाने वाले की सेवाओं के बारे में लोगों को प्रेरणा मिलती है और पुरस्कार से केवल ग्रहिता नहीं, बल्कि सेवा में जुटी टीम के सदस्य और उनसे लाभान्वित होने वाले लोग भी आनंद की भावना की अनुभूति करते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि आज जब परिवार के बुजुर्गों के लिए ओल्डएज होम विकसित होने की परंपरा को देखते हुए समाज की स्थिति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। कभी पड़ोसी आपस में एक दूसरे का ख़याल रखते थे, लेकिन आज अपने ही अपनों का ध्यान नहीं रख पा रहे हैं। ऐसे में एक समावेशी और संवेदनशील समाज का निर्माण तभी संभव है, जब हम ज़रूरतमंदों की मदद कर सकें।

जरूरतमंदों के प्रति जिम्मेदारी के साथ आगे आने से ही समानता और सहानुभूति से परिपूर्ण समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि युद्धवीर फाउंडेशन और डेली हिंदी मिलाप संस्थाएँ भविष्य में भी सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ती रहेंगी। राज्यपाल ने इस अवसर पर युद्धवीर फाउंडेशन द्वारा आयोजित होली प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कार प्रदान किये।

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असाध्य रोगियों की पीड़ा कम करने पर जोर

पुरस्कार ग्रहिता डॉ. गायत्री पालाट ने अपने संबोधन में कहा कि पैलिएटिव केयर चिकित्सा के क्षेत्र में नयी विशेषज्ञता है। जिन लोगों पर उपचार प्रभावी नहीं हो पाता, उनकी पीड़ा को कम करने, बल्कि उन्हें अपने प्रियजनों के बीच शेष जीवन शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से उत्तम तरीके से जीने में मदद करता है। इसके बारे में समाज में आज भी अधिक जागरूकता नहीं है।

हिंदी मिलाप और युद्धवीर फाउण्डेशन ने इस क्षेत्र में जागरूकता लाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। डॉ. गायत्री ने अपना पुरस्कार समाजसेवा में उनसे साथ सक्रिय पूरी टीम को समर्पित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा उनका उद्देश्य है कि कोई भी दर्द और पीड़ा के साथ अकेला न जिए, बल्कि उसकी पीड़ा हरने लिए कोई न कोई खड़ा रहे। युद्धवीर फाउण्डेशन की चेयरपर्सन व पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ. अरुणा बहुगुणा ने कहा कि अंधेरे और निराशा के बीच रोशनी की किरण के रूप में मानवता की सेवा करने वाली विभूतियों को फाउण्डेशन हर साल सम्मानित करता रहा है।

युद्धवीर जी के आदर्शों को उनके पुत्र विनय वीर जी ने लंबे समय तक जारी रखा और अब मिलाप परिवार उसी ऊर्जा के साथ मानव मूल्यों की रक्षा के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि मानवता के मूल्य ही डॉ. गायत्री और युद्धवीर जी के आदर्शों को एक सूत्र में बांधते हैं। अवसर पर कवि नरेंद्र राय ने पुरस्कार ग्रहिता के जीवन और कार्यों पर आधारित दक्कनी कविता सुनाई। कुमुद जैन ने प्रशस्ति पत्र प्रस्तुत किया। ट्रस्टी तरुण कुमार झंवर ने कार्यक्रम का संचालन किया और आमेर अली खान ने आभार प्रदर्शन किया। अवसर पर फाउण्डेशन की सचिव विपमा वीर, न्यासी नितिन बजाज एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

युवा और वरिष्ठ वर्ग के विजेताओं का सम्मान समारोह

तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने युद्धवीर स्मारक होली पुरस्कार 2026 के विजेता को पुरस्कार प्रदान किये, जिसमें कहानी (16 से 40 वर्ष तक) में द्वितीय पुरस्कार मारोती दत्ता गंगासागरे, कविता (40 से अधिक) हर्षलता दुधोडिया, कविता (16 से 40 वर्ष तक) में प्रथम पुरस्कार अक्षय तीखे, द्वितीय पुरस्कार प्रीति जैन, व्यंग्य (16 से 40 वर्ष तक) में प्रथम पुरस्कार रितिका बत्रा (नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एम्पारमेंट ऑफ पर्सन विथ डिसेब्लीटिस), लेख (40 वर्ष से अधिक) में प्रथम पुरस्कार डॉ.सुरेश कुमार मिश्रा, लेख (16 से 40 वर्ष तक) में प्रथम भलगट अक्षत जैन एवं द्वितीय पुरस्कार प्रणव अग्रवाल ने प्राप्त किया।

अवसर पर पार्षद राकेश जायसवाल, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राठौड, लाल सिंह, ए.के.वाजपेयी, अग्रवाल शिक्षा समिति ट्रस्ट बोर्ड चेयरमैन डॉ.श्याम सुन्दर अग्रवाल, प्रबंध न्यासी डॉ.मोहन गुप्ता, अग्रवाल शिक्षा समिति के अध्यक्ष प्रमोद केड़िया, मानद मंत्री सीए नवीन कुमार अग्रवाल, आरजीए स्वर्ण जयंती शिक्षा न्यास चेयरमैन नंद गोपाल भट्टड़, हरिनारायण व्यास, सोहनलाल कडेल, श्री जैन सेवा संघ के पूर्व महामंत्री अशोक मुथा, प्रचार मंत्री प्रवीण पांड्या, अमृत कुमार जैन, तेलंगाना पेपर मर्चेंट असोसिएशन के महामंत्री आशीष भंसाली, पंकज वर्मा उपस्थित थे।

अवसर पर लव फार काऊ फाउंडेशन चेयरमैन जसमत पटेल, ट्रस्टी रिद्धिश जागीरदार, जगदीश झंवर, प्रदीप सुराणा, विजय सुराणा, गौतम गांधी, विनोद कीमती, रामदेव नागला, दिलीप पंसारी, अरुण मुथा, राजेश करवा, गोपाल बल्दवा, आनंद वर्मा, आनंद चांडक, महेन्द्र पितलिया, उमेश सिंघानिया, मेघारानी अग्रवाल, राजगोपाल व्यास, विजय सुराणा, शंकरलाल बंग, राजन शर्मा, उर्मिला साबू, भारती कुट्टी, सपना गुप्ता, प्रेमलता अग्रवाल सहित विभिन्न संस्थानों के पदाधिकारी एवं समाजबंधु सहित युद्धवीर पुरुस्कार से सम्मानित डॉ.एविटा फर्नेंडीज, श्रीदेवी प्रसाद, विजय वीर विद्यालंकार, नरेन्द्र राय, ममता गुप्ता एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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