इस माह हैं तीन एकादशी तिथियाँ
इस दिन व्रत रखने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। इस दिसंबर में तीन महत्वपूर्ण एकादशी तिथियाँ हैं- आज मोक्षदा, सफला और पुत्रदा एकादशी। इन तीनों एकादशी तिथियों का अपना विशेष महत्व है। इस वर्ष दिसंबर माह धार्मिक दृष्टि से अत्यंत विशेष है। इस माह तीन २ एकादशी तिथियाँ पड़ रही हैं।
सनातन धर्म में एकादशी श्रीहरि विष्णु को समर्पित मानी जाती है। माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। इस दिसंबर में तीन महत्वपूर्ण एकादशी तिथियाँ हैं- आज मोक्षदा, सफला और पुत्रदा एकादशी। इन तीनों एकादशी तिथियों का अपना विशेष महत्व है।
मोक्षदा एकादशी
यह मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी दिसंबर की पहली है, जो आज है। इसका पारण 2 दिसंबर की सुबह 6 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। मोक्षदा एकादशी को विशेष रूप से पितरों की मुक्ति और मोक्ष प्राप्ति से जोड़कर देखा जाता है। पुराणों के अनुसार, इस व्रत को करने से पूर्वजों को मोक्ष मिलता है और मनुष्य के जीवन में बाधाओं का निवारण होता है।
सफला एकादशी
पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी दिसंबर की दूसरी एकादशी होगी। यह एकादशी 14 दिसंबर, रविवार की शाम 6 बजकर 49 मिनट से शुरु हो रही है, जो 15 दिसंबर, सोमवार की रात 9 बजकर 19 मिनट पर समाप्त होगी। सफला एकादशी का अर्थ है- जीवन में सफलता प्राप्त करना। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से कार्यों में सफलता मिलती है और जीवन से निराशा एवं नकारात्मकता दूर होती है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति इस दिन उपवास करता है, उसके रुके हुए काम भी बनते हैं।
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पुत्रदा एकादशी
पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी दिसंबर की तीसरी एकादशी होगी। यह 30 दिसंबर, मंगलवार की सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर शुरु हो रही है, जो 31 दिसंबर, बुधवार की सुबह 5 बजे समाप्त होगी। मान्यता है कि संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपतियों के लिए यह एकादशी अत्यंत शुभ होती है।
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