हैदराबाद को केंद्र शासित प्रदेश की ओर धकेले जाने की आशंका : दासोजू
हैदराबाद, बीआरएस के एमएलसी दासोजू श्रवण ने जीएचएमसी के विस्तार और नगर पालिकाओं तथा नगर निगमों के विलय को मनमाना निर्णय बताते हुए शंका जतायी कि यह हैदराबाद को केंद्र शासित प्रदेश की ओर धकेलने का प्रयास है। तेलंगाना विधान परिषद में जीएचएमसी विस्तार से संबंधित विधेयकों पर चर्चा के दौरान आज तीखी बहस हुई। बीआरएस एमएलसी दासोजू श्रवण ने कहा कि हैदराबाद को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने की संभावना से जुड़ी चर्चाएँ चल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी सरकार के जल्दबाज़ी भरे फैसलों ने इन अटकलों को और हवा दी है।
दासोजू श्रवण ने कहा कि तेलंगाना की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले हैदराबाद पर जनता को विश्वास में लिए बिना एकतरफा फैसले थोपे नहीं जा सकते। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर संविधान के 74वें संशोधन की भावना को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कानूनों का उद्देश्य लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण और स्थानीय स्वशासन को मज़बूत करना होना चाहिए।
20 नगरपालिकाओं और 7 नगर निगमों का जीएचएमसी में विलय नागरिकों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से किसी भी प्रकार के परामर्श के बिना किया गया। वार्ड-स्तरीय बैठकों का न होना और पार्षदों से पूर्व संवाद न करना लोकतांत्रिक मानदंडों का उल्लंघन है। अत्यधिक केंद्रीकरण के प्रति चेतावनी देते हुए दासोजू ने कहा कि जमीनी स्तर की राय की अनदेखी कर हैदराबाद में सत्ता का संकेंद्रण पूरे तेलंगाना में संतुलित विकास को बाधित कर सकता है।
सरकार का पूरा ध्यान हैदराबाद के विस्तार पर केंद्रित है, जबकि अन्य ज़िलों की उपेक्षा हो रही है, जिससे क्षेत्रीय असमानताएँ बढ़ रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि प्रस्तावित विलयों से हैदराबाद की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और उसकी सदियों पुरानी गंगा-जमुनी तहज़ीब को नुकसान पहुँच सकता है।
ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने स्पष्ट नीति बनाए सरकार
बीआरएस एमएलसीदासोजू श्रवण ने तेलंगाना विधान परिषद में सरकार से ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए स्पष्ट नीति निर्माण की माँग की। विधान परिषद में दासोजू श्रवण ने कहा कि देश में कई राज्य बड़े पैमाने पर ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। तेलंगाना में इसे व्यापक प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है। इसके लिए नेट जीरो लक्ष्यों को पाने के लिए ऑर्गेनिक खेती करने वाले संगठनों और किसान समूहों की संख्या बढ़ाने की ज़रूरत है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव के नेतृत्व में तेलंगाना राज्य के विकास की सराहना करते हुए कहा कि यह अनाज उत्पादन में अग्रणी रहा है, जिसका श्रेय किसानों के अथक परिश्रम को जाता है।
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दासोजू श्रवण ने कहा कि ऑर्गेनिक खेती को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए सरकार किसानों को ऑर्गेनिक बीजों की आपूर्ति करे और मुद्दों पर स्पष्ट नीति तैयार करे। उन्होंने कहा कि ऑर्गेनिक खेती के बारे में किसानों में जागरूकता पैदा करने के लिए सरकार एक्सटेंशन सर्विसेज के मामले में क्या कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हर गांव में बनाए गए किसान प्लेटफॉर्म का लाभ उठाते हुए ऑर्गेनिक खेती प्रशिक्षणट्रेनिंग तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। दसोजू श्रवण ने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार जो नीतिगत कदम उठाएगी, उसे विधान परिषद में स्पष्ट रूप से बताया जाए।
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