जनगाँव में देखा गया बाघ, ग्रामीण सतर्क
हैदराबाद, हैदराबाद से लगभग 60 किलोमीटर दूर यादाद्री-भुवनगिरी जिले में पिछले करीब 20 दिनों से घूम रहा बाघ गुरुवार को जनगाँव जिले में चला गया है। बाघ की मौजूदगी को देखते हुए अधिकारियों ने वहाँ के ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। जनगाँव जिला वन अधिकारी कोंडल रेड्डी ने बताया कि गुरुवार सुबह लिंगाला घनपुर मंडल के एक गाँव में बाघ के पैरों के निशान देखे गए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ढोल बजाकर ग्रामीणों को सावधान कर रहा है। उन्हें रात में बाहर न निकलने और अपने पालतू जानवरों का ध्यान रखने की सलाह दे रहा है।
जनगाँव जिले में पहुँचने से पहले बड़े आकार के इस बाघ ने निवासियों को डरा दिया था। 17 जनवरी को यादाद्री-भुवनगिरी जिले में इसकी मौजूदगी देखी गई थी। यादद्री प्रशासन ने भी निवासियों को अलर्ट जारी कर रात में बाहर न निकलने को कहा था। यादाद्री जिला वन अधिकारी सुधाकर रेड्डी ने बताया कि माना जाता है कि यह नर बाघ महाराष्ट्र की सीमा से लगे मंचिरियाल जिले के कवाल टाइगर रिजर्व इलाके से आया है।
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माना जाता है कि बाघ यादाद्री जिले तक पहुँचने के लिए लगभग 250 किलोमीटर की यात्रा की है। उन्होंने कहा कि हालांकि यादाद्री जिले में किसी ने भी बाघ को नहीं देखा था, लेकिन माना जाता है कि वह हर रात में लगभग 20-25 किलोमीटर घूम रहा था। बाघ ने इंसानी बस्तियों से दूरी बनाए रखी, हालांकि उसने अकेले यादद्री जिले में आठ जानवरों को मार डाला, जिनमें से ज्यादातर गाएँ थीं।
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