मीनू मुमताज़ के अनसुने किस्से

मुमताज़ अली जब 16 बरस के थे तो उस दौर की परम्परा के अनुसार उनका विवाह एक 11 साल की लड़की लतीफ-उन-निसा से कर दिया गया। लत़ीफ-उन-निसा ने 14 वर्ष की आयु में अपने पहले बच्चे को जन्म दिया। इन दोनों के कुल आठ बच्चे हुए- चार लड़के व चार लड़कियां। इन बच्चों में से सिर्फ तीन ने फिल्मी दुनिया में अपना नाम दर्ज़ कराया- महमूद व मीनू मुमताज़ ने बतौर ऐक्टर और अनवर अली ने निर्माता के रूप में फिल्म ख़ुदा गवाह का निर्माण उन्होंने ही किया था।

मीनू मुमताज़ का जन्म मलिका-उन-निसा बेगम के रूप में 26 अप्रैल 1942 को बॉम्बे में ही हुआ था। मलिका बचपन से ही अपने पिता के साथ थिएटर, फिल्मों के सेट्स और उनके डांस स्कूल में जाया करती थीं। नतीजतन मलिका नृत्य कला में पारंगत हो गईं, जिसकी वजह से न सिर्फ उन्हें फिल्मों में काम मिला, बल्कि अर्काट के शाही परिवार के सदस्य एस. अली अकबर जीवनसाथी के रूप में मिले, जिनसे उन्होंने 1963 में विवाह किया। फिल्मों में प्रवेश करने के बाद मलिका ने अपना नाम मीनू मुमताज़ रखा।

मीनू मुमताज़ का डांस करियर और कॉमेडी में सफलता

मीनू मुमताज़ की पहली फिल्म सखी हातिम (1955) थी, दलजीत व चित्रा के साथ। इसमें उनका कोई डांस नंबर नहीं था, बल्कि वह जलपरी की भूमिका में थीं। लेकिन नृत्य तो उनके खून में था और जैसे ही कुलदीप कौर को मालूम हुआ कि वह मुमताज़ अली की बेटी हैं, तो उन्हें डांस का ऑफर दे दिया। मीनू मुमताज़ ने सबसे पहले नृत्य मिस कोका कोला फिल्म में किया था। इसके बाद सोसाइटी में और फिर हलाकू में हेलन के साथ उनका डांस मुकाबला रखा गया, जो ज़बरदस्त हिट हुआ।

मीनू को एक के बाद एक डांस के ऑफर मिलने लगे और वह उनसे ऊब गईं। उन्हें भूमिकाएं चाहिए थीं। आख़िरकार मीनू को कॉमेडी भूमिकाएं मिलने लगीं। उन्होंने उस समय के टॉप कॉमेडियन, जैसे- जोनी वॉकर, ओम प्रकाश, सुंदर आदि के साथ काम किया। फिल्म हावड़ा ब्रिज में तो उनकी जोड़ी उनके सगे भाई महमूद के साथ भी बनायी गई। दोनों ने प्रभावी ऐक्टिंग व नृत्य किया, लेकिन इससे ज़बरदस्त विवाद खड़ा हो गया, जन प्रदर्शन भी हुए कि भाई व बहन को पर्दे पर रोमांस करते हुए कैसे दिखाया जा सकता है? तब मीनू ने कहा था, लो भाईजान, हो गई छुट्टी, अब से हम सिर्फ भाई-बहन के रोल ही करेंगे।

मीनू मुमताज़ का फिल्मी करियर और निधन

मीनू ने जोनी वॉकर के साथ अनेक फिल्में कीं। कागज़ के फूल में दोनों ने हमको प्यार करना मांगता गाने पर नृत्य भी किया। पैगाम में भी दोनों ने एक गाने पर नृत्य किया था। सीआईडी में बूझ मेरा क्या गांव रे गाना मीनू पर ही फिल्माया गया था, जो बहुत मशहूर हुआ। इंसान जाग उठा में मीनू ने मधुबाला के साथ जानू जानू रे पर साथ मिलकर नृत्य किया था। फिर मीनू को कॉमेडी से भी बोरियत होने लगी।

मीनू को साइड हीरोइन की भूमिकाएं मिलने लगीं, जैसे- चिराग कहां रोशनी कहां, जिसमें उन पर दो गीत फिल्माए गए। बतौर हीरोइन उनकी पहली फिल्म हम हैं राही प्यार के थी और इसके बाद ब्लैक कैट, घर घर की बात, घर बसा के देखो आदि फ़िल्में आयीं। मीनू की अंतिम फिल्म पालकी थी। इसके बाद वह कनाडा शिफ्ट हो गईं। 23 अक्तूबर 2021 को कैंसर की वजह से मीनू मुमताज़ का टोरंटो, कनाडा में 79वर्ष की आयु में निधन हो गया।

-कैलाश सिंह

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