सम्राट चौधरी सरकार ने विश्वास मत हासिल किया

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पटना, बिहार विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नीत सरकार ने विश्वास मत हासिल कर लिया। राज्य विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान सम्राट ने यह प्रस्ताव पेश किया कि सदन राज्य की वर्तमान मंत्रिपरिषद में अपना विश्वास व्यक्त करे। राज्य के 243 सदस्यीय सदन में यह प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित हो गया, जहाँ भाजपा नीत राजग को 202 सीटों के साथ भारी बहुमत प्राप्त है।

विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा पेश करते हुए कहा, राजग सरकार हमेशा किसानों, गरीबों और सुशासन के लिए काम करती रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में सुशासन स्थापित करने का कार्य नीतीश कुमार के नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ा है।

विपक्ष के विरोध के बीच पास हुआ विश्वास प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने कहा, सरकारी नौकरियों में महिलाओं को आरक्षण देना ऐतिहासिक निर्णय था और राज्य में शराबबंदी लागू करने का फैसला भी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लिया था। हमारी सरकार ट्रिपल सीक्राइम (अपराध), करप्शन (भ्रष्टाचार), कम्युनलिज्म (सांप्रदायिकता) पर कोई समझौता नहीं करेगी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा उन्हें लालू प्रसाद यादव की पाठशाला से निकला नेता बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए चौधरी ने कहा, सत्ता किसी की बपौती नहीं होती। कोई किसी की पाठशाला से नहीं आता। यदि लालू जी का मुझ पर अत्याचार नहीं होता, तो आज मैं मुख्यमंत्री नहीं होता।

सम्राट ने कहा, नीतीश कुमार की इच्छा थी कि मैं बिहार का मुख्यमंत्री बनूँ और मैं इससे इनकार नहीं करता। उन्होंने कहा, यह मुख्यमंत्री का पद 14 करोड़ बिहारवासियों का आशीर्वाद है, इसलिए मैं यहाँ बैठा हूँ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें नेता प्रतिपक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, दो बार उप-मुख्यमंत्री और अब मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया।

सरकार ने स्थिरता और विकास का भरोसा जताया

निजी निवेश का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को पिछले एक साल में 1.36 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है और अगले एक वर्ष में यह आँकड़ा बढ़कर पाँच लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में मुझे वित्त विभाग संभालने का अवसर मिला था।

लोगों को शायद जानकारी नहीं होगी कि राज्य को पिछले एक साल में 1.36 लाख करोड़ रुपये का निवेश मिल चुका है। अगले एक वर्ष में हमें पाँच लाख करोड़ रुपये तक निवेश मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा, जो लोग अपनी ही बहनों का सम्मान नहीं कर सकते, उनसे दूसरों का सम्मान करने की अपेक्षा नहीं की जा सकती। इसे तेजस्वी यादव और उनकी बहन रोहिणी आचार्य के बीच हालिया विवाद पर परोक्ष टिप्पणी माना जा रहा है। (भाषा)

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