अपने अधिकारों के लिए आगे आए पिछड़ा वर्ग- रेवंत रेड्डी
हैदराबाद,मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पिछड़ा वर्ग का आह्वान किया कि वे अपने अधिकार प्राप्त करने के लिए खुद आगे आयें। सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जाति जनगणना के को वैधानिक दर्जा देने के लिए आवश्यक कदम उठाते हुए दो विधेयक पारित करवाए हैं।
पिछड़े समुदायों के नेताओं ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात की और पिछड़े समुदायों को शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में 42 प्रतिशत कोटा प्रदान करने वाले 2 कानून बनाने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी पिछड़े समुदायों से अपील की कि वे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी को धन्यवाद दें। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि जिन राज्यों में कांग्रेस सत्ता में आएगी, वहां जाति जनगणना कराई जाएगी। कांग्रेस सरकार ने जाति सर्वेक्षण कराने का वादा पूरा किया।
पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
सीएम ने कहा कि आरक्षण को 50 प्रतिशत से ऊपर बढ़ाने के लिए जनसंख्या के आंकड़ों की आवश्यकता है। जनगणना के आंकड़ों को वैधानिक दर्जा मिलना अनिवार्य है। उसके बाद ही कोटा बढ़ाया जा सकता है। यही कारण है कि राज्य सरकार ने जाति सर्वेक्षण कराया। 4 फरवरी को विधानसभा में इस सर्वेक्षण की रिपोर्ट पेश की गयी। इसलिए इस दिन को सामाजिक न्याय दिवस के रूप में घोषित किया गया। सरकार ने एक कैबिनेट उप समिति और एक समर्पित आयोग का गठन किया ताकि समय सीमा के भीतर जाति सर्वेक्षण पूरा किया जा सके। पहले चरण में जाति सर्वेक्षण में भाग नहीं लेने वालों का विवरण दर्ज करने का एक और अवसर प्रदान किया। सरकार ने जाति सर्वेक्षण पारदर्शी तरीके से पूरा किया। नीति दस्तावेज हर मौके पर सही साबित हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया।
रेवंत रेड्डी ने पिछड़ों को आगे आने का आह्वान किया
राज्य को देश में आदर्श बनाना है। जनता की सरकार द्वारा कराया गया जातिगत सर्वेक्षण इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। सरकार ने न सिर्फ दस्तावेज तैयार किये हैं, बल्कि पिछड़ा वर्ग कोटे के लिए कानून भी बनाया है। शिक्षा और नौकरियों में राजनीतिक आरक्षण और कोटा देने के लिए विधानसभा में दो अलग-अलग विधेयक पारित किए हैं। जनगणना में कभी जातिगत गणना नहीं की गई। अगर जनगणना में जातिगत गणना शामिल की जाए तो सही गणना हो जाएगी। मंडल आयोग ने निष्कर्ष निकाला था कि पिछड़ा वर्ग 52 प्रतिशत है। जातिगत सर्वेक्षण में यह 56.36 प्रतिशत बताया गया है। पिछड़ा वर्ग की आबादी का पता लगाने के लिए स्थानीय निकाय चुनाव स्थगित किए गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कांग्रेस पार्टी हमेशा पिछड़ा वर्ग का समर्थन करती है। कांग्रेस में ज्यादातर पीसीसी अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग समुदाय से हैं। जाति जनगणना को सभी के लिए भगवद गीता, बाइबिल, कुरान की तरह माना जा रहा है। इस जाति जनगणना ने पिछड़े वर्ग के सशक्तिकरण के लिए एक मजबूत नींव रखी। पहले इसे लागू किया जाएगा और फिर आवश्यकतानुसार संशोधन किया जाएगा। उन्होंने पिछड़े वर्ग से अपील कि वे अपने अधिकारों को प्राप्त करने के लिए खुद आगे आएं। सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी।
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