इस मौसम का खास व्यंजन गोंद के लड्डू
गोंद के लड्डू विशेषकर सर्दियों में ही खाए जाते हैं। इससे गर्मी और ताकत दोनो मिलते हैं। रोजाना सुबह नाश्ते में 1 या 2 लड्डू गोंद के खाइए और सर्दी में अपने आपको स्वस्थ रखिए।
आवश्यक सामग्री – गेहूं का आटा 1 कप, बूरा (या पीसी चीनी) 1 कप, घी 1 कप, गोंद ? कप (100 ग्राम), काजू 10 से 12, खरबूजे के बीज 2 टेबल स्पून, इलाइची पाउडर आधा छोटा चम्मच।

विधि – गोंद को बारीक टुकड़ों में तोड़ लें। काजू को छोटा-छोटा काट लें। कढ़ाही में आधे से अधिक घी डालकर गरम कीजिए। गरम घी में थोड़ा-थोड़ा गोंद डालकर लगातार चलाते हुए तलिए (गोंद घी में पापकार्न की तरह फूलता है, गोंद को बिलकुल धीमी आग पर ही तलिए ताकि वह अन्दर तक अच्छी तरह भुन जाए)। गोंद सिक गया है या नहीं, इसे चेक करने के लिए तले गोंद को हाथ से दबाकर देखें, यह चूरे की तरह हो जाना चाहिए। सारा गोंद इसी तरह तलकर निकाल लें।
बचे हुए घी में आटा डालकर हल्का ब्राउन होने तक धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें। आटे से अच्छी महक आने और हल्का ब्राउन होने पर आटा भुनकर तैयार है। इसे एक प्लेट में निकाल लें। गरम कड़ाही में थोड़े घी में खरबूज के बीज भूनें और आटे पर डाल दें। इसी तरह आटे में काजू भून कर और इलायची पाउडर डाल दें।
गोंद ठंडे हो जाएँ तो थाली में ही बेलन से दबाव डालकर थोड़ा और बारीक कर लें। अब एक प्याले में गोंद और सारी चीजें तथा बूरा डालकर अच्छे से मिला लें। इस मिश्रण से गोल- गोल लड्डू बनाएँ। तैयार गोंद के लड्डू को 1-2 घंटे हवा में ही रहने दें, फिर एअर टाइट कन्टेनर में भरकर रख 2 महीने तक खाते रहें।
सुझाव:
- मिश्रण के हल्का गरम रहते ही लड्डू बना लीजिए. ठंडे होने पर मिश्रण बिखरने लगता है।
- आप चाहे, तो बूरा की जगह चाशनी बनाकर भी लड्डू बना सकते हैं, चाशनी से लड्डू बना रहे हैं, तो 1/2 कप घी ही काफी रहता है क्योंकि चाशनी बनाने से मिश्रण में थोड़ी-सी नमी रहती है, जिससे लड्डू आसानी से बांधे जा सकते हैं।
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