एआई-फर्स्ट विश्वविद्यालय यूपीईएस ने आमंत्रित किए प्रवेश आवेदन

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हैदराबाद, एआई यूनिवर्सिटी के रूप में पहचान रखने वाले बहु विषयक शिक्षण संस्थान द्वारा यूपीईएस, देहरादून द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 यहां संचालित पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सभी पाठ्यक्रमों में एआई को एकीकृत करने वाले इस संस्थान का उद्देश्य शिक्षा के पारंपरिक तरीकों को परिवर्तित करते हुए तकनीकि के साथ जोडना है।

मरक्यूर हैदराबाद केसीपी में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए  स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस के सीनियर डायरेक्टर राजीव नंदवानी ने उक्त जानकारी दी। अवसर पर उन्होंने कहा कि यूपीईएस देहरादून देश पहला एआई-फर्स्ट विश्वविद्यालय बन गया है। इस परिवर्तनकारी पहल के तहत संस्थान ने ओपनएआई के सहयोग से अपने परिसर में ‘चैटजीपीटी एडू’ को लागू किया है। इस रणनीतिक कदम के माध्यम से विश्वविद्यालय के उन्नीस हजार से अधिक छात्रों तथा डेढ हजार से अधिक संकाय सदस्यों को उन्नत एआई टूल्स तक और निःशुल्क पहुंच प्राप्त होगी। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को उनके डिग्री के पहले दिन से ही उस एआई वातावरण में प्रशिक्षित करना है, जो आज वैश्विक स्तर पर उद्योगों को नया आकार दे रहा है।

राजीव नंदवानी ने विशेष रूप से कहा कि तेलंगाना में टीजी ईएपीसीईटी 2025 के दौरान कंप्यूटर साइंस और आईटी पाठ्यक्रमों में 91 प्रतिशत सीटों का आवंटन हुआ है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि यहां के छात्र एआई, आईओटी और साइबर सुरक्षा जैसी आधुनिक तकनीकों को लेकर अधिक रुचि रखते हैं। तेलंगाना एआई और कंप्यूटर साइंस शिक्षा के क्षेत्र में देश का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। 

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डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा सहित आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रम

छात्रों के लिए यूपीईएस देहरादून एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यूपीईएस अपने स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंजीनियरिंग और स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस के माध्यम से तीस से अधिक एआई-एकीकृत विशेष कार्यक्रम पेश कर रहा है।  इन पाठ्यक्रमों में मुख्य रूप से डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, फुल स्टैक, आईओटी और ग्राफिक्स जैसी विशेषज्ञताएं शामिल हैं।

विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. जयशंकर वारियर ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों के लिए केवल पाठ्यक्रम बदलना काफी नहीं है, बल्कि तकनीक के प्रति नजरिया बदलना आवश्यक है। हम ऐसा इकोसिस्टम बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जहां एआई सीखने की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा हो। विश्वविद्यालय पिछले एक दशक से आईबीएम के साथ साझेदारी कर रहा है। हाल ही में बजाज ऑटो के सहयोग बजाज इंजीनियरिंग स्किल्स ट्रेनिंग केंद्र की स्थापना की गई। ईवाई इंडिया और केपीएमजी इंडिया के साथ मिलकर स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के ऐसे कार्यक्रम भी तैयार किए गए हैं, जो छात्रों को सीधे उद्योग जगत के इनपुट्स और प्रमाणन प्रदान करते हैं।

जानकारी देते हुए कहा गया कि यूपीईएस में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। प्रवेश प्रक्रिया के संदर्भ में अधिक जानकारी www.upes.ac.in से प्राप्त की जा सकती है।

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