वोट चोरी के खिलाफ खड़े हों सभी दल : रेवंत रेड्डी

हैदराबाद, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सभी राजनीतिक ताकतों से वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने और देश की लोकतांत्रिक भावना की रक्षा करने का आह्वान किया। उन्होंने चेताया कि केंद्र के शासक अपनी शक्ति मजबूत करने के लिए चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर रहे हैं। विशेषकर उन्होंने वामपंथी दलों से अपील की कि वे अपनी शक्ति का प्रयोग करते हुए केंद्र के प्रयासों को विफल बनाएं।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी शनिवार को भाकपा के राष्ट्रीय नेता और पूर्व सांसद कॉमरेड सुरवरम सुधाकर रेड्डी की स्मृति सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले से ही बिहार में वोट चोरी के खिलाफ लड़ रहे हैं। संविधान बदलने के केंद्र के प्रयास को विफल करने और भारत के लोकतंत्र की रक्षा करने की आवश्यकता है। इसमें वामपंथी पार्टियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

वोट चोरी रोकने और लोकतंत्र बचाने का आह्वान

कम्युनिस्टों के पास सरकारों को सत्ता से हटाने की ताकत है। रेवंत रेड्डी ने सभी समान विचारधारा वाली राजनीतिक ताकतों से वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने और देश की लोकतांत्रिक भावना की रक्षा करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र में सत्ताधारी अपनी राजनीतिक ज़रूरतों के अनुसार चुनाव आयोग की सेवाओं का इस्तेमाल करके अपनी सत्ता मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

केंद्र अपने विरोधी मतदाताओं को हटा रहा है, जो देश के संसदीय लोकतंत्र के लिए बड़ा ख़तरा है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे वोट कटने और स़िर्फ चार महीनों में एक करोड़ वोट बनाने के नए चलन का विश्लेषण करें। केंद्र में सत्तारूढ़ दल बिहार चुनाव जीतने के लिए वोट कटवा रहा है। सभी राजनीतिक ताकतों को एकजुट होकर देश को इन बुरी ताकतों से बचाने के लिए राहुल का समर्थन करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि केंद्र सरकार पूरे भारतीय संविधान को बदलने की साज़िश रच रही है, जो भविष्य में देश के लिए एक बड़ा ख़तरा है। कम्युनिस्ट पार्टियों को जनता के लिए अपनी लड़ाई तेज़ करनी चाहिए। देश में वामपंथी दलों द्वारा लंबे संघर्षों के ज़रिए सरकारों को गिराने के कई उदाहरण हैं। साम्यवाद केवल पुस्तकालयों में विचारधारा का अध्ययन करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के अधिकारों के लिए दृढ़ता से संघर्ष करना भी जरूरी है। इसीलिए साम्यवादी विचारधारा का प्रचार-प्रसार आवश्यक है।

सुधाकर रेड्डी व अन्य नेताओं का योगदान सम्मानित

सुधाकर रेड्डी के साथ अपने जुड़ाव और वामपंथी नेताओं द्वारा जनता के लिए किए गए अथक प्रयासों को याद करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि भाकपा के राष्ट्रीय नेता ने अंतिम सांस तक साम्यवादी विचारधारा का पालन किया। सुधारकर रेड्डी उन कुछ महान कम्युनिस्ट नेताओं में से एक थे, जिन्होंने पार्टी के लिए कड़ी मेहनत की और समाज में जागरूकता पैदा की।

गोलकुंडा पत्रिका की ओर से अत्याचारी निज़ाम शासन के खिलाफ सुरवरम प्रताप रेड्डी की लड़ाई को भी याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस पीढ़ी में सुरवरम प्रताप रेड्डी और बुरगुला रामकृष्ण राव ने महबूबनगर जिले का नाम रोशन किया। जयपाल रेड्डी और सुधारकर रेड्डी जिले की दूसरी पीढ़ी के प्रमुख नेता हैं। वर्तमान राष्ट्रीय राजनीति में सुधाकर रेड्डी जैसे मजबूत और समर्पित नेता की सख्त जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल जल्द ही सुधाकर रेड्डी की सेवाओं को मान्यता देने के लिए कदम उठाएगा। सरकार ने सुधाकर रेड्डी की सलाह पर ही तेलुगु विश्वविद्यालय का नाम सुरवरम प्रताप रेड्डी के नाम पर रखा है। जनता के लिए लड़ने वालों को हमेशा मान्यता दी जाएगी और तेलंगाना राज्य में उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा। तेलंगाना संघर्ष की भावना को प्रदर्शित करने के लिए महिला विश्वविद्यालय का नाम भी चाकली ऐलम्मा के नाम पर रखा गया है। भारतीय हथकरघा संस्थान का नाम कोंडा लक्ष्मण बापूजी के नाम पर रखा गया है। टैंकबंड पर सरदार सर्वाई पापन्ना की प्रतिमा स्थापित की गई है।

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