सीआरआईडीए का अमृत संवाद कार्यक्रम आयोजित

हैदराबाद, आईसीएआर-केंद्रीय शुष्कभूमि कृषि अनुसंधान संस्थान (सीआरआईडीए), हैदराबाद द्वारा विशेष अभियान 5.0 के अंतर्गत रंगारेड्डी जिले के याचारम मंडल में आदर्श गाँव गद्दामल्लैयागुड़ा में अमृत संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया।
आज जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य स्वच्छ भारत और अमृत काल के दृष्टिकोण के अनुरूप ग्रामीणों में स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और सतत जीवन पद्धतियों के बारे में जागरूकता पैदा करना था।

इस दौरान प्रतिभागियों ने प्लास्टिक मुक्त वातावरण के महत्व, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता एवं सफाई बनाए रखने में समुदायों की भूमिका पर चर्चा की। सीआरआईडीए की सीनर वैज्ञानिक डॉ. गिरिजा वेणी और ग्राम सचिव के. स्वप्ना रेड्डी ने किसानों और स्थानीय निवासियों के साथ बातचीत करते हुए कचरे के पृथक्करण, जैविक कचरे से खाद बनाने और पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों के उपयोग पर विचार साझा किए।

इसके अलावा मिट्टी, जल और जैव विविधता पर प्लास्टिक प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों के बारे में बताते हुए कपड़े और जूट के बैग, स्टेनलेस स्टील की बोतलें और पुन: प्रयोज्य कंटेनरों जैसे पर्यावरण अनुकूल विकल्पों के उपयोग को प्रोत्साहित किया गया। प्रतिभागियों को दिखाया गया कि सब्जी के छिलके, फलों के अवशेष और सूखी पत्तियों जैसी आसानी से उपलब्ध सामग्री का उपयोग कर कैसे खाद तैयार की जाती है।

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कार्यक्रम में स्वच्छता, जल संरक्षण और उन्नत कृषि पद्धतियों के लिए सामूहिक सामुदायिक प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, स्वयं सहायता समूह की महिला किसानों, अन्य किसानों सहित लगभग 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कई प्रतिभागियों को घर पर ही खाद बनाने तथा अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया।

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