तेलुगु में दलीलें अनुचित : हाईकोर्ट
हैदराबाद, हाईकोर्ट में भाषा संबंधी मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। खम्मम ज़िले में एक ही ठेकेदार को 22 से अधिक ठेके देने में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दायर जनहित याचिका में तेलुगु भाषा में दलीलें दी गयी थीं, जिसे अनुचित बताते हुए हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता को वकील नियुक्त करने की सलाह दी। अदालत ने कहा कि न्यायालय की कार्यवाही अंग्रेज़ी में होती है, इसलिए वकील नियुक्त करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया जाता है।
खम्मम ज़िले के सीतारामपुरम निवासी तुम्मलपल्ली रामबाबू ने 2020 में पार्टी-इन-पर्सन के रूप में यह याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि एमएसआर कंस्ट्रक्शन को 22 से अधिक ठेके दिए गए, लेकिन पंचायत राज और आर एंड बी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति जी.एम. मोहियुद्दीन की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि दलीलें अंग्रेज़ी में प्रस्तुत की जानी चाहिए।
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यदि शिकायतकर्ता वकील नियुक्त करने में असमर्थ हैं, तो विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से वकील उपलब्ध करवाया जा सकता है। शिकायतकर्ता के एक महीने का समय मांगने पर सुनवाई स्थगित कर दी गई।
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