गर्मी के मौसम में किडनी स्वास्थ्य को लेकर रहें सचेत : चिकित्सक

हैदराबाद, भीषण गर्मी के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से किडनी के स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहने की अपील की है। केयर हॉस्पिटल्स, मलकपेट के चिकित्सकों के अनुसार तापमान बढ़ने के साथ ही अस्पतालों में किडनी पथरी तथा मूत्र मार्ग में संक्रमण के मामलों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिलती है। चिलचिलाती धूप और पसीने के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे मूत्र गाढ़ा हो जाता है और उसमें मौजूद कैल्शियम व यूरिक एसिड जैसे खनिज क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं, जो धीरे-धीरे पथरी बन जाते हैं।

केयर हॉस्पिटल्स, मलकपेट के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. पी. नवीन कुमार और डॉ. वेणु मन्ने ने कहा कि बढ़ते तापमान का सबसे ज्यादा असर किडनी पर पड़ता है। गर्मी की शुरुआत होते ही यूरोलॉजी के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। अक्सर लोग इसे अचानक होने वाली स्वास्थ्य समस्या मानते हैं, यह डिहाइड्रेशन और पानी की कमी का परिणाम होता है।

डॉ. नवीन कुमार के अनुसार गर्मी वाले क्षेत्रों में यह खतरा और भी अधिक होता है। हाइड्रेशन के लिए पानी ही सबसे प्रभावी माध्यम है, जबकि कैफीन या अधिक चीनी वाले पेय पदार्थ डिहाइड्रेशन को और बढ़ा सकते हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी देते हुए कहा कि पीठ के निचले हिस्से में तेज दर्द, पेशाब के दौरान जलन या खून आना, पेशाब कम होना, बुखार और बार-बार पेशाब महसूस होना जैसे लक्षणों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इन संकेतों की अनदेखी स्थिति को गंभीर बना सकती है, जिससे आपातकालीन उपचार की नौबत आ सकती है।

नमक व सॉफ्ट ड्रिंक्स से बढ़ता किडनी जोखिम

डॉ. वेणु मन्ने के अनुसार गर्मियों में अधिक नमक वाला खाना, प्रोसेस्ड फूड और सॉफ्ट ड्रिंक्स का अत्यधिक सेवन जोखिम को और बढ़ा देता है। कई लोग सॉफ्ट ड्रिंक्स को प्यास बुझाने का जरिया मानते हैं, जबकि ये गुर्दों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। पानी कम पीने से पेशाब के जरिए बैक्टीरिया शरीर से बाहर नहीं निकल पाते, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। विशेषकर महिलाओं, मधुमेह रोगियों और प्रोस्टेट की समस्या वाले पुरुषों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल प्यास लगने का इंतज़ार न करें, बल्कि नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। चिकित्सकों के अनुसार, घर से बाहर निकलते समय हमेशा पानी की बोतल साथ रखनी चाहिए। धूप में काम करने वाले लोगों को सामान्य से अधिक तरल पदार्थ लेने की जरूरत होती है। आहार में तरबूज, खीरा, मौसंबी तथा नारियल पानी जैसे तरल से भरपूर फलों को शामिल करना फायदेमंद रहता है।

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साथ ही ज्यादा नमक वाले खाद्य पदार्थों, पैकेट बंद स्नैक्स और सॉफ्ट ड्रिंक्स आदि से परहेज करना चाहिए। इसके साथ ही दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधी धूप में निकलने से बचना चाहिए। चिकित्सकों ने कहा कि निष्कर्ष रूप में गर्मियों में होने वाली अधिकांश पथरी और संक्रमण की समस्याओं को सही खान-पान, समुचित हाइड्रेशन तथा समय पर चिकित्सा सहायता लेकर आसानी से रोका जा सकता है।

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