चुनाव का बहिष्कार अलोकतांत्रिक : ईटेला
हैदराबाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद ईटेला राजेंदर वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ मजलिस पार्टी के आंदोलन पर भड़के और कहा कि वक्फ की ज्यादतियों के चलते अल्पसंख्यक वर्ग डरा हुआ था, लेकिन वक्फ संशोधन कानून बनने के बाद अल्पसंख्यकों ने राहत की सांसद ली है क्योंकि भाजपा सरकार जब संविधान संशोधन का निर्णय लेती है तो उसके पीछे भारत का हित होता है।
भाजपा मुख्यालय श्यामाप्रसाद मुखर्जी भवन में सांसद ईटेला राजेंदर ने विधान परिषद के लिए होने वाले हैदराबाद स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र (एलएसी) चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी एन. गौतम राव के साथ मिलकर संबोधित करते हुए जम्मू कश्मीर से धारा 370 रद्द किए जाने का उदाहरण दिया और कहा कि धारा 370 रद्द करने के बाद जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया। वहां भारत का संविधान पूरी तरह से लागू हो गया और अब विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1980 के समय ही भाजपा ने एक देश एक चुनाव (वन नेशन वन एलेक्शन) का निर्णय लिया था यह कोई नया नहीं है।
सांसद ईटेला राजेंदर ने विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (भारास) द्वारा हैदराबाद स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र चुनाव का बहिष्कार किए जाने को अलोकतांत्रिक निर्णय बताया और कहा कि अपने 25 साल के राजनीतिक जीवन में पहली बार किसी राजनीतिक दल को चुनाव का बहिष्कार करके अपने पार्षदों को चुनाव में भाग नहीं लेने का आदेश देते देखा है।
लोकतंत्र में राजनीतिक पार्टी का लक्ष्य ही चुनाव लड़ना और जीतना होता है। हर किसी को वोट देने का अधिकार है। उसका उपयोग सभी को करना चाहिए लेकिन किसी को वोट डालने से रोकना गलत है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बने रहने के बावजूद कांग्रेस और विपक्षी बीआरएस का चुनाव में प्रत्याशी खड़ा नहीं करना साफ बताता है कि वे मजलिस पार्टी को जिताने के लिए ही ऐसा कर रहे हैं।
ईटेला राजेंदर का पार्षदों से भाजपा के पक्ष में वोट का आग्रह
उन्होंने कांग्रेस और बीआरएस के पार्षदों से कहा कि अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करें और भाजपा के पक्ष में वोट करें। उन्होंने कहा कि हैदराबाद में हर पार्षद को अपने प्रतिनिधि के रूप में कम से कम 40 हजार लोग वोट डालकर चुनते हैं और उन प्रतिनिधियों को जब वोट डालने का मौका मिले तो चुनाव बहिष्कार की घोषणा करना अलोकतांत्रिक ही कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्षद इस अलोकतांत्रिक निर्णय का समर्थन भी कैसे करेंगे।
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उन्होंने कहा कि पार्षदों को चाहिए कि अपनी अंतरात्मा की आवाज पर लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करें और भाजपा के प्रत्याशी एन. गौतम राव के पक्ष में वोट डालें क्योंकि कांग्रेस और बीआरएस की ओर से कोई प्रत्याशी नहीं है। यह चुनाव केवल सांप्रदायिक पार्टी मजलिस व राष्ट्रवादी पार्टी भाजपा के बीच है। उन्होंने वर्ष 2004 से पहले हैदराबाद में गोकुल चाट बम विस्फोट घटना, दिलसुखनगर साईबाबा मंदिर व लुंबिनी पार्क बम विस्फोट घटना की याद दिलाई और कहा कि हैदराबाद में शांति स्थापित करनी हो, सांप्रदायिक दंगे न हों, गुंडागिरी, बम विस्फोट की घटनाएँ न हों, इसलिए मजलिस को हराकर बीजेपी को जिताना आवश्यक है।
ईटेला से जब पूछा गया कि तेलंगाना की केंद्र सरकार उपेक्षा कर रही है और राज्य से केंद्र को 1 रुपया जाता है तो केवल 45 पैसे वापस मिलते हैं तब उन्होंने तुरंत केटीआर को आबिड्स चौराहे पर चर्चा के लिए आने की खुली चुनौती दी। इस दौरान एन. गौतम राव ने भी हैदराबाद में गत समय हुए सांप्रदायिक दंगों और पुराने शहर से हिन्दुओं के पलायन की याद दिलाई और कहा कि यदि हैदराबाद में सांप्रदायिकता को समाप्त कर शांति स्थापित करनी है, तो मजलिस को हराने के लिए पार्षदों को भाजपा के पक्ष में वोट देना चाहिए।
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