मेट्रो रेल किराये की बढ़ी दरें वापस ले सरकार बीआरएस ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
हैदराबाद, सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैदराबाद के गरीब, मध्यवर्ग की जेब पर भारी बोझ डालते हुए हैदराबाद मेट्रो रेल के किराए में भारी बढ़ोत्तरी किए जाने को लेकर नाराज विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (भारास) ने सरकार से तुरंत मेट्रो रेल किराए में की गई बढ़ोत्तरी को बिना शर्त वापस लेने की मांग की है।
मेट्रो किराया बढ़ोतरी पर भड़की भारत राष्ट्र समिति
भारास ने विधायक व विधानसभा में पार्टी के सचेतक के. पी. विवेकानंद गौड़, विधायक व पूर्व मंत्री पी. सबिता इंद्रा रेड्डी, विधायक व पूर्व मंत्री टी. पद्माराव गौड़, विधायक मागंटी गोपीनाथ, विधायक डी. सुधीर रेड्डी, विधायक मुठा गोपाल, विधायक माधावरम कृष्णा राव, विधायक कालेरू वेंकटेश, विधायक टी. श्रीनिवास यादव, विधायक बंडारू लक्ष्मा रेड्डी, विधायक मर्री राजशेखर रेड्डी आदि ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को खुला पत्र लिखा।
भारास ने कहा कि मेट्रो रेल किराए में 10 से 20 रुपये तक बढ़ये जाने के चलते गरीब व मध्यवर्ग की जेब पर हर महीने 500 से 600 रुपये तक अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। यात्री दूसरा विकल्प तलाशने पर मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि पहले से ही हैदराबाद महानगर भारी ट्रैफिक व प्रदूषण की समस्या से परेशान है। ऐसे में सुलभ जनपरिवहन को महंगा करना जनहित व पर्यावरण हित में नहीं है।
गरीब और मध्यमवर्ग पर हर महीने 600 रुपये का अतिरिक्त बोझ
भारास ने कहा कि सिंगापुर, बर्लिन, टोक्यो जैसे देश उनकी जनता को रियायती दरों पर जनपरिवहन सुविधा देते हैं और हैदराबाद में भी जनता को जनपरिवहन पर चाहे जितनी रियायतें दी जाएँ, कम ही हैं।
भारास ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के शासन के दौरान भारी दबाव के बावजूद केसीआर ने जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर दरें बढ़ाने से इनकार कर दिया था। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस जिस राज्य की सत्ता में है वहां मेट्रो रेल किराए में बढ़ोत्तरी करने की नीति बना चुकी है।
कांग्रेस सरकार से किराया वापसी की मांग तेज
कर्नाटक के बेंगलुरू में मेट्रो रेल किराए में शत प्रतिशत बढ़ोत्तरी किए जाने से यात्रियों की संख्या में 13 प्रतिशत कमी हुई और दरें बढाने का भारी विरोध हुआ। सरकार की आलोचना की गई, जिसके चलते खुद मुख्यमंत्री को हस्तक्षेप करके बढ़ाई दरें वापस लेनी पड़ीं।
भारास ने कहा कि मेट्रो रेल में आईटी प्रोफेशनल्स, विश्वविद्यालय व कॉलेज विद्यार्थी, सरकारी व निजी कर्मचारी और आम नागरिक यात्रा करते हैं। महंगाई की मार झेल रहे इन लोगों पर किराए का भारी बोझ लादना सही नहीं है। इसलिए सरकार बढ़ाई गई मेट्रो रेल किराए की दरों को वापस ले।
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