रोहित वेमुला विधेयक के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति

Ad

हैदराबाद, तेलंगाना सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थानें में पहचान आधारित भेदभाव को रोकने के उद्देश्य से प्रस्तावित रोहित वेमुला विधेयक के लिए सिफारिशें तैयार करने हेतु शुक्रवार को एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गन किया। उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का समिति के अध्यक्ष बनाये गये हैं तथा मंत्री डी. श्रीधर बाबू, एन. उत्तम कुमार रेड्डी, पोन्नम प्रभाकर और सी. दामोदर राजनरसिम्हा उसके अन्य सदस्य हैं।

सरकार द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि सरकार रोहित वेमुला तेलंगाना (उच्च शिक्षा में पहचान आधारित भेदभाव की रोकथाम) विधेयक, 2026 पर उपयुक्त कानून बनाने के वास्ते अध्ययन करने और सिफारिशें/सुझाव देने हेतु एक मंत्रिमंडलीय उप-समिति का गन करती है। आदेश में कहा गया है कि सरकार के विशेष मुख्य सचिव (अनुसूचित जाति विकास विभाग) उप-समिति के संयोजक होंगे।

Ad

यह भी पढ़ें… आंगनवाड़ी में उबला हुआ अंडा माँगने पर 11 वर्षीय छात्र की पिटाई

आदेश में यह भी कहा गया है कि उप-समिति को जल्द से जल्द अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करनी चाहिए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पिछले साल मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी को पत्र लिखकर शिक्षण संस्थानें में भेदभाव को समाप्त करने के लिए रोहित वेमुला अधिनियम बनाने को कहा था। दलित छात्र रोहित वेमुला ने 2016 में कथित तौर पर हैदराबाद विश्वविद्यालय में जाति आधारित भेदभाव के कारण आत्महत्या कर ली थी। कर्नाटक मंत्रिमंडल ने 16 अप्रैल को कर्नाटक रोहित वेमुला (बहिष्करण या अन्याय की रोकथाम, शिक्षा और गरिमा का अधिकार) विधेयक को मंजूरी दी।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Ad

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button