धृतराष्ट्र जैसा व्यवहार कर रहे हैं सभापति : केटीआर

हैदराबाद, भारत राष्ट्र समिति (भारास) कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व मंत्री कल्वाकुंट्ला तारक रामाराव ने विवादास्पद बयान देते हुए राज्य विधानसभा के सभापति गड्डम प्रसाद कुमार को महाभारत के धृतराष्ट्र बताया और कहा कि बीआरएस के टिकट पर जीतकर कांग्रेस में शामिल हुए विधायक काले यादय्या किस पार्टी में हैं, छोटे बच्चे से पूछने पर भी बता देगा, परंतु धृतराष्ट्र बने बैठे सभापति को दिखाई नहीं दे रहा है।

केटीआर ने कांग्रेस पर दलबदल और वादाखिलाफी का आरोप लगाया

भारास मुख्यालय तेलंगाना भवन में 77वें गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण किए जाने तथा मुख्यालय में ही चेवेल्ला निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित कुछ भाजपा नेताओं के केटीआर के समक्ष बीआरएस में शामिल होने के अवसर पर संबोधित करते हुए केटीआर ने कहा कि दरअसल विकाराबाद विधायक व सभापति गड्डम प्रसाद कुमार और बीआरएस से कांग्रेस में शामिल हुए चेवेल्ला विधायक काले यादय्या दोस्त हैं।

यादय्या विधायक की पार्टी सदस्यता पर विवाद जारी

दोनों एक ही स्कूटर पर घूमा करते थे। उन्होंने कहा कि दलबदलू विधायक के खिलाफ बीआरएस ने सभापति से शिकायत की तो महाभारत के धृतराष्ट्र की भांति कुछ दिखाई नहीं देने का नाटक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधायक यादय्या कांग्रेस पार्टी में हैं या बीआरएस में किसी छोटे से बच्चे से पूछने पर भी बता देगा परंतु सभापति को यह दिखाई नहीं दे रहा है। वे कहते हैं यादय्या बीआरएस में ही बने हुए हैं।

केटीआर ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की भाषा को लेकर आपत्ति जताई और टी.वी. पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का भाषण चलने के समय टीवी बंद करने की सलाह देते हुए कहा कि भाषण में भाषा सुनकर बच्चे बिगड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर ने 2 सालों में कभी रेवंत रेड्डी का नाम तक नहीं लिया लेकिन मुख्यमंत्री हैं कि केसीआर की अभद्र भाषा में आलोचना से बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने तेलंगाना आकर खुद कहा था कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर दलबदलुओं को बख्शा नहीं जाएगा।

यह भी पढ़ें… सामाजिक न्याय और समान अवसर के लिए प्रतिबद्ध सरकार : भट्टी विक्रमार्का

बीआरएस के 10 विधायक कांग्रेस में शामिल, सदस्यता विवाद

दल बदलते ही उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाएगी। कोर्ट तक भी जाने की जरूरत नहीं है परंतु तेलंगाना में बीआरएस के 10 विधायक कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। राहुल अंजान व मौन बने हुए क्यों हैं। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम लेते हुए कहा कि खड़गे ने खुद चेवेल्ला आकर पूर्व केसीआर सरकार द्वारा दलितों को दलित बंधु योजना के अंतर्गत दिए जा रहे 10 लाख रुपये को कांग्रेस के सत्ता में आने पर बढ़ाकर 12 हजार रुपये देने का वादा किया था परंतु कांग्रेस के सत्ता में आए 2 साल गुजर चुके हैं। अब तक किसी दलित को एक पैसा तक सरकार ने नहीं दिया।

केटीआर ने आगे कहा कि कांग्रेस ने घोषणा पत्र को हास्यास्पद बना दिया है, किसी वादे पर अमल नहीं किया है। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार मुख्यमंत्री जैसे पद पर बैठे रेवंत रेड्डी खुद खुलेआम मुख्य विपक्षी दल बीआरएस के झंडों को उखाड़ने का आह्वान करते हैं, क्या यह संविधान का उल्लंघन नहीं है। उन्होंने कहा कि दरअसल राज्य में कांग्रेस और केंद्र में भाजपा दोनों संविधान के लिए खतरा बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियाँ संविधान की कब्र बनाने पर तुल चुके हैं। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर धर्म के नाम पर हिन्दू मुसलमानों को लड़वाकर लाभ लेने का आरोप लगाया।

P

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button