गीतम का 16 वाँ दीक्षांत समारोह आयोजित
हैदराबाद, गीतम डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी-हैदराबाद का 16वां दीक्षांत समारोह आज परिसर स्थित शिवाजी आडिटोरियम में भव्य रूप से आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि नैसकॉम के पूर्व अध्यक्ष किरण कार्णिक थे। अवसर परशैक्षणिक सत्र 2024-25 के दौरान इंजीनियरिंग, प्रबंधन, विज्ञान, फार्मेसी, वास्तुकला, मानविकी आदि विषयों में1,526 स्नातक, 256 स्नातकोत्तर और 60 पीएचडी उपाधियाँ प्रदान की गईं। साथ ही तीन विशिष्ट हस्तियोंआर. वेंकटेश्वर राव,अरुणाचलम मुरुगनाथम तथा डॉ. बी. वेंकटरमण मानद डॉक्टरेट उपाधियां भी दी गईं।
पारंपरिक सफलता से आगे सोचना आवश्यक
नैसकॉम के पूर्व अध्यक्ष किरण कार्णिक ने समारोह को संबोधित करते हुए छात्रों को पारंपरिक सफलता से आगे सोचने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में पहले से कहीं अवसर उपलब्ध हैं, लेकिन इनका लाभ तभी उठाया जा सकता है, जब हम लगातार सीखनें की प्रवृति अपनाएं। सफलता के देते हुए उन्होंने कहा कि हर नई तकनीक नए काम का सृजन करती है। लेकिन प्रगति केवल कमाई या धनार्जन के बारे में नहीं है। यह इस बारे में भी है कि हम एक-दूसरे के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। किरण कार्णिक ने कहा कि सफलता में विनम्रता तथा करुणा जैसे पहलू अभी भी मायने रखते हैं। अवसर उन्होंने छात्रों से नवाचार, विनम्रता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व को अपने करियर के केंद्र में रखने का आह्वान किया।
गीतम ज्ञान-संचालित संस्थान बनने की राह पर
गीतम के अध्यक्ष तथा विशाखापत्तनम के सांसद एम. श्रीभरत ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि गीतम ईमानदारी और करुणा की संस्कृति को आगे बढ़ाते हुए एक असाधारण ज्ञान-संचालित संस्थान बनने की राह पर है। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है। एआई जैसी तकनीकि ने दिनचर्या पर कब्जा कर लिया है। अब जो मायने रखेगा, वह यह है कि आप कैसे सोचते हैं, कैसे अनुकूलन करते हैं और दूसरों के साथ कितनी अच्छी तरह काम करते हैं। उन्होंने कहा किअपने लक्ष्यों की ओर अग्रसर होते हुए कठिन परिश्रम, नए अनुभवों को अपनाना, असफलताओं से सीखना, सार्थक संबंध बनाना तथा अपने राष्ट्र तथा समाज को समृद्ध बनाने में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए।
गीतम का 16वाँ दीक्षांत: सम्मान और नेतृत्व का उत्सव
समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ. एरोल डिसूजा ने कहा कि अंतर्निर्भरता और अनिश्चितता से भरी इस दुनिया में सफलता का मतलब कभी असफल न होना नहीं, बल्कि दृढ़ता, सहानुभूति और साथ मिलकर काम करने की क्षमता के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि 16वाँ स्नातक समारोह शैक्षणिक उत्वफढष्टता और व्यापक छात्र विकास के लिए संस्थान की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जो विभिन्न विषयों, व्यावहारिक शिक्षा पर ध्यान और शोध पर बल देने के साथ-साथ छात्रों को भविष्य के नेता बनाने के लिए सशक्त बनाता है, ताकि वे समाज पर स्थायी सकारात्मक प्रभाव डाल सकें।
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दीक्षांत समारोह में भारत के बुनियादी ढाँचे के विकास में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए आरवीआर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और अध्यक्ष आर. वेंकटेश्वर राव,कम लागत वाली सैनिटरी नैपकिन बनाने वाली मशीनें विकसित करने असाधारण योगदान के लिए पैडमैन के रूप में विख्यात अरुणाचलम मुरुगनाथम तथा इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र कलपक्कम के पूर्व निदेशक पर डॉ. बी. वेंकटरमण को मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई। अवसर पर उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले छात्रों को 23 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। समारोह में गीतम के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य, कर्मचारी, छात्र एवं अन्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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