बार काउंसिल चुनाव समिति पर दर्ज प्राथमिकी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
नयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय मंगलवार को उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें राज्य बार काउंसिल चुनावों की देखरेख के लिए शीर्ष न्यायालय द्वारा नियुक्त उच्च अधिकार प्राप्त चुनाव पर्यवेक्षण समिति के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को चुनौती दी गई है।
भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ को वरिष्ठ अधिवक्ता और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि एक वकील ने इस समिति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। मिश्रा ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर मामला है। राज्य बार काउंसिल चुनावों की देखरेख कर रही उच्च स्तरीय समिति के खिलाफ प्राथमिकी एक वकील ने दर्ज कराई है। प्राथमिकी केवल इसलिए दर्ज कराई गई क्योंकि वकील की अपील पर विचार नहीं किया गया। यह महाराष्ट्र और गोवा के राज्य बार काउंसिल चुनावों से संबंधित है।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले को मंगलवार के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। उच्चतम न्यायालय ने राज्य बार काउंसिल चुनावों की देखरेख के लिए इस समिति का गठन किया था, जिसका नेतृत्व उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया कर रहे हैं। समिति में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा और वरिष्ठ अधिवक्ता वी. गिरी भी शामिल हैं।
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उच्चतम न्यायालय ने 18 फरवरी को अपनी रजिस्ट्री को निर्देश दिया था कि राज्य बार काउंसिल चुनावों से संबंधित कोई याचिका सूचीबद्ध न की जाए और शिकायत करने वाले पक्षों को सीधे न्यायालय के निर्देश पर गठित समिति के पास जाने के लिए कहा गया। न्यायालय ने पहले ही निर्देश दिया था कि भारत में सभी राज्य बार काउंसिल चुनावों का समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष संचालन सुनिश्चित करने के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की देखरेख में चुनाव कराए जाएं, जिनकी अंतिम समयसीमा 31 जनवरी, 2026 थी। (भाषा)
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