अवैध क्रशिंग यूनिट्स और आरएमसी प्लांट पर हैद्रा की कार्रवाई

हैदराबाद, हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया एवं संपदा संरक्षण एजेंसी हैद्रा ने आज बड़े पैमाने पर अवैध क्रशिंग यूनिट्स और रेडी मिक्स कांक्रीट प्लांट्स के खिलाफ कार्रवाई की। अलग-अलग क्षेत्रों में 8 क्रशिंग यूनिट्स एवं 13 आरएमसी (रेडी मिक्स कांक्रीट) प्लांट्स पर बुल्डोजर चलाया गया।

मंगलवार को तेलंगाना प्रदूषण बोर्ड, माइनिंग और राजस्व विभाग की शिकायतों के आधार पर हैद्रा ने यह कार्रवाई की। हैद्रा ने बड़े पैमाने पर इस ऑपरेशन के दौरान तीन आरएमसी को ध्वस्त कर दिया। शेष 10 आरएमसी प्लांट्स को हटाया जाना बाकी है। बताया जाता है कि पीसीबी, माइनिंग और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में रंगारेड्डी जिले के गौलीडोड्डी, वट्टी नागुलापल्ली, गोपनपल्ली और कोतवालगुड़ा में कई वर्षों से यह क्रशिंग यूनिट्स चलाये जा रहे थे।

हैद्रा का आरोप है कि ये यूनिट्स बेनामी हैं और कुछ बड़े संस्थानों के संरक्षण में प्रभावशाली लोगों के समर्थन से चलाए रहे थे। इनमें से किसी भी क्रशिंग यूनिट के पास माइनिंग या पीसीबी की अनुमति नहीं थी। पीसीबी नोटिस, राजस्व विभाग के आदेश और माइनिंग विभाग की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए ये यूनिट्स चलाए जा रहे थे, जिन्हें हैद्रा की कार्रवाई में मंगलवार को ध्वस्त कर दिया गया।

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अवैध क्रशिंग यूनिट्स और आरएमसी प्लांट्स पर कार्रवाई

हैद्रा को अन्य विभागों द्वारा की गयी शिकायत में बताया गया था कि प्राकृतिक पहाड़ियों और छोटे जंगल जैसे क्षेत्रों को बिना अनुमति के नष्ट किया जा रहा था। दिन-रात क्रशिंग गतिविधियां चलाकर धूल उड़ाई जा रही थी, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा था। यह सब आउटिर रिंग रोड के दायरे में हो रहा था। अवैध क्रशिंग यूनिट्स के साथ-साथ बिना अनुमति वाले आरएमसी प्लांट्स को भी हैद्रा ने हटाया है। भविष्य में वहां स्टोन क्रशिंग न हो, इसके लिए उपकरणों को भी नष्ट कर दिया गया।

इस कार्रवाई में भगत सिंह स्टोन क्रशर, एसवीके, परमेश्वर स्टोन, पृथ्वी, ग्रेट इंडिया माइनिंग, आर मिलर और तिरुमला मेटल इंडस्ट्री से जुड़े क्रशिंग यूनिट्स शामिल थे। इसके अलावा बीएसआर, अल्ट्राटेक सीमेंट और एसीसी लिमिटेड के रेडी मिक्स प्लांट्स भी इसमें शामिल थे। हैद्रा का दावा है कि इन प्लांट्स के मालिकों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। कितनी जमीन लीज पर ली गई, इसका भी कोई रिकॉर्ड नहीं है। रंगारेड्डी जिले के शमशाबाद मंडल के कोतवालगुड़ा में करीब 16 एकड़ क्षेत्र में यह गतिविधियां चल रही थीं, जिसमें लगभग 7 एकड़ तक पहाड़ियों को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।

तिरुमला मेटल इंडस्ट्री से जुड़ा क्रशिंग यूनिट यहां संचालित हो रहा था, जिसे पूरी तरह हटा दिया गया। इसी क्षेत्र में दो आरएमसी प्लांट्स भी हैद्रा ने हटाए। अधिकारियों के अनुसार, ये सभी यूनिट्स बड़े संस्थानों के संरक्षण में बेनामी तरीके से संचालित किये जा रहे थे। यह कार्रवाई भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गयी।

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