भारत-ईयू एफटीए : कौन-सी कारें सस्ती होने की उम्मीद है?

भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत मुख्य रूप से पूरी तरह से आयातित लग्जरी और हाई-परफॉरमेंस कारें सस्ती होने की उम्मीद है। यह समझौता मुख्य रूप से उन कारों पर लागू होगा जिनकी कीमत €15,000 (लगभग 16.3-16.5 लाख रुपये) से अधिक है। सस्ती होने वाली संभावित कारों की श्रेणियां और ब्रांड नीचे दिए गए हैं:
लग्जरी और स्पोर्ट्स कारें (पूरी तरह आयातित)
ये कारें सीधे यूरोप से बनकर आती हैं और इन पर वर्तमान में 110% तक का आयात शुल्क लगता है, जिसे चरणबद्ध तरीके से घटाकर 10% तक किया जाएगा।
मर्सिडीज-बेंज:

मईबैक, एएमजी मॉडल्स और जी-वैगन।
बीएमडब्ल्यू:

एम-सीरीज की कारें (जैसे बीएमडब्ल्यू M3) और Z4।
ऑडी:

आरएस लाइनअप (जैसे आरएस 5, आरएस Q8) और Q8 मॉडल।
पोर्श:

911 और अन्य स्पोर्ट्स मॉडल।
सुपरकार ब्रांड्स:

लेम्बोर्गिनी (लेम्बोर्गिनी उरुस), फेरारी और मासेराती।
अन्य यूरोपीय ब्रांड्स
वोक्सवैगन और स्कोडा:

इनके कुछ प्रीमियम आयातित मॉडल्स जैसे गोल्फ जीटीआई या ऑक्टाविया आरएस की कीमतों में कमी आ सकती है।
लैंड रोवर:

डिफेंडर जैसे मॉडल्स जो पूरी तरह से आयात किए जाते हैं।
संक्षेप में:
भारत-ईयू एफटीए के तहत मुख्य रूप से पूरी तरह आयातित लग्जरी और हाई-परफॉरमेंस कारें जैसे मर्सिडीज एएमजी, बीएमडब्ल्यू एम‑सीरीज, ऑडी आरएस, पोर्श, लेम्बोर्गिनी, फेरारी और लैंड रोवर डिफेंडर सस्ती होने की उम्मीद हैं, क्योंकि इन पर वर्तमान 110% आयात शुल्क घटाकर धीरे-धीरे 10% किया जाएगा।
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