AI क्रांति का नेतृत्व कर रहा है भारत : पीएम मोदी
नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट सम्मेलन में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की पहुंच सभी तक होनी चाहिए और इसे खासकर ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए इंक्लूसिव और एंपावरमेंट का साधन बनाया जाना चाहिए। ‘ग्लोबल साउथ’ से मतलब उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, अल्प विकसित अथवा अविकसित माना जाता है और ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका में स्थित हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस मानव इतिहास में एक परिवर्तनकारी अध्याय
पीएम मोदी ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट’ शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह एआई प्रदर्शनी भारत में हो रही है, जो मानवता के छठे हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है, जहां दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है और जो प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रतिभा के सबसे बड़े भंडार का केंद्र है। उन्होंने शिखर सम्मेलन में विश्व के नेताओं और अग्रणी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) की उपस्थिति में कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस मानव इतिहास में एक परिवर्तनकारी अध्याय है। भारत एआई क्रांति का केवल हिस्सा नहीं है, बल्कि वह इसका नेतृत्व कर रहा है और इसे आकार भी दे रहा है।”
युवा पीढ़ी में एआई को लेकर अभूतपूर्व उत्साह-पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत न केवल प्रौद्योगिकी बनाता है बल्कि उसे अभूतपूर्व गति से अपनाता भी है। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों को नयी प्रौद्योगिकी को लेकर संदेह है लेकिन युवा पीढ़ी एआई को जिस तरह अपना रही है, वह अभूतपूर्व है। एआई शिखर सम्मेलन की प्रदर्शनी को लेकर भी यहां जबरदस्त उत्साह रहा है।” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मानव इतिहास में कुछ ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ रहे हैं जिन्होंने सदियों को आकार दिया। इन मोड़ ने सभ्यता की दिशा तय की और विकास की रफ्तार को बदल दिया। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इतिहास में ऐसा ही एक परिवर्तन है।”
दुनियाभर के शीर्ष नेता समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत में मौजूद
भारत मंडपम में आयोजित शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले दुनियाभर के नेताओं में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम, क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेई प्लेनकोविक, सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक, सेशेल्स के उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्ले, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस और फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में अपार भविष्य की संभावनाएं दिखाई देती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि AI केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का बड़ा माध्यम बन सकता है।
पीएम मोदी के प्रमुख बिंदु
नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम
भारत का तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर AI विकास को नई गति दे रहा है।
मानव-केंद्रित दृष्टिकोण
AI का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और शासन में सुधार के लिए किया जा रहा है, ताकि तकनीक का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
वैश्विक नेतृत्व की दिशा
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत न केवल AI तकनीक को अपनाने में आगे है, बल्कि सुरक्षित, नैतिक और जिम्मेदार AI के वैश्विक मानक तय करने में भी सक्रिय भूमिका निभा सकता है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बयान?
भारत के पास विशाल डेटा संसाधन, युवा तकनीकी प्रतिभा और मजबूत डिजिटल ढांचा है। ऐसे में AI क्षेत्र में निवेश और अनुसंधान भविष्य में देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है। (भाषा)
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